प्रशिक्षण एवं सेवायोजन निदेशालय, लखनऊ के आदेश के बावजूद फर्जी गारंटी जमा करने वाले 16 निजी आईटीआई संस्थानों पर अभी तक अधिकारी एफआईआर नहीं दर्ज करा सके हैं। इन संस्थानों में बाकायदा कोर्सों का संचालन हो रहा है। ऐसे में यहां पढ़ रहे छात्रों के भविष्य पर खतरा मंडरा रहा है।
आठ माह पूर्व निदेशालय की जांच में जिले के 16 औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) का फर्जीवाड़ा सामने आया था। मान्यता लेने के लिए इनकी ओर से लगाई गई बैंक गारंटी फर्जी पाई गई है। अपर निदेशक प्रशिक्षण नीरज कुमार के निर्देश पर नोडल प्रधानाचार्य राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान ने मुकदमा दर्ज कराने के लिए संबंधित थानों में तहरीर दी थी लेकिन मुकदमा आज तक दर्ज नहीं हो सका। वहीं तत्कालीन समाज कल्याण अधिकारी विनोद कुमार सिंह ने छात्रवृत्ति देनी है या नहीं इसे लेकर प्रधानाचार्य को पत्र लिखा था। बावजूद इसे लेकर कोई कार्रवाई नहीं की गई।