जब खिलाड़ियों ने विरोध जारी रखते हुए 28 मई को दिल्ली में एक शांतिपूर्ण मार्च निकाला, तो दिल्ली पुलिस ने मार्च का क्रूरता से दमन किया, उन्हें हिरासत में लिया। उन्हें विरोध स्थल से हटा दिया। यह पूरी तरह से गलत और अलोकतांत्रिक था। कहा कि पहलवानों को धरना जारी रखने और जिम्मेदार पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। साथ ही बृजभूषण को गिरफ्तार कर उनसे पूछताछ की जाए।