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18 घंटे तक सड़क पर शव रख जाम लगाए रहे परिजन व ग्रामीण

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चुनावी रंजिश में घायल युवक की उपचार के दौरान मौत होने के बाद परिजन और ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। 18 घंटे तक सड़क जाम रखने के बाद बृहस्पतिवार को पुलिस अफसरों के आश्वासन के बाद जाम समाप्त किया।
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कंधरापुर थाने के किशुनदासपुर गांव निवासी युवक पर 29 जून को सिधारी थाना के चकिया खोजापुर गांव के पास हमला हुआ था। उसे वाराणसी में भर्ती कराया गया था, जहां मंगलवार की रात उसकी मौत हो गई। बुधवार की देर शाम शव गांव पहुंचा तो परिजनों में कोहराम मच गया। किशुनदासपुर गांव की प्रधानी इस बार अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित थी। इस पर गांव निवासी वीरेंद्र पासवान की पत्नी ने चुनाव लड़ा, वहीं पूर्व प्रधान पंकज राय ने भी अपना प्रत्याशी उतारा था। जीत वीरेंद्र की पत्नी को मिली। इसके बाद से ही पूर्व प्रधान और वर्तमान प्रधान परिवार में चुनावी रंजिश शुरू हो गई थी। बीते 29 जून को वर्तमान प्रधान पति का भाई 26 वर्षीय राजेश पुत्र गामा किसी काम से शहर आया हुआ था। वापस लौटते समय चकिया खोजापुर के पास पूर्व प्रधान पंकज राय और समर्थकों ने चार पहिया से उसकी बाइक में धक्का देकर गिरा दिया और फिर मारपीट कर गंभीर रूप से घायल कर दिया। स्थानीय लोगों के हस्तक्षेप पर हमलावर मौके पर राजेश को छोड़ कर फरार हो गए। लोगों की सूचना पर परिजन मौके पर पहुंचे और राजेश को इलाज के लिए जिला अस्पताल ले गए। वहां से प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया गया। फिर हालत गंभीर होने पर परिजनों ने उसे वाराणसी ले जाकर भर्ती कराया। इस बीच प्रधानपति की तहरीर पर सिधारी थाने में पंकज राय समेत छह के खिलाफ नामजद मुकदमा भी पंजीकृत किया गया। मंगलवार की रात राजेश की वाराणसी में इलाज के दौरान मौत हो गई। पोस्टमार्टम के बाद बुधवार की देर शाम शव गांव पहुंचा तो परिजनों में कोहराम मच गया। बुधवार की रात आठ बजे मृतक का शव भंवरनाथ-तहबरपुर मार्ग पर रख कर चक्काजाम कर दिया। परिजन डीएम और एसपी को मौके पर बुलाने की मांग कर रहे थे। पूरी रात डीएम-एसपी मौके पर नहीं आए और चक्काजाम जारी रहा। परिजन आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ ही मुआवजा आदि की मांग कर रहे थे। एडीएम प्रशासन और एसपी सिटी ने मौके पर पहुंच कर लोगो को समझाया। जब दो मुख्य आरोपियों पंकज और विवेक की गिरफ्तारी की जानकारी दी गई तो ग्रामीण शांत हुए और जाम समाप्त कर शव का अंतिम संस्कार कर दिया।
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