स्थानीय लोगों के हस्तक्षेप पर हमलावर मौके से राजेश को छोड़ कर फरार हो गए। लोगों की सूचना पर परिजन मौके पर पहुंचे और राजेश को इलाज के लिए जिला अस्पताल ले गए। वहां से प्राइवेट अस्पताल भर्ती कराया गया। फिर हालत गंभीर होने पर परिजनों ने उसे वाराणसी ले जाकर भर्ती कराया।
इस बीच प्रधानपति की तहरीर पर सिधारी थाने में पंकज राय समेत छह के खिलाफ नामजद मुकदमा भी दर्ज हुआ। मंगलवार की रात राजेश की वाराणसी में इलाज के दौरान मौत हो गई। पोस्टमार्टम के बाद बुधवा की देर शाम शव गांव पहुंचा तो परिजनों में कोहराम मच गया।
परिजनों व ग्रामीणों ने बुधवार की रात आठ बजे मृतक का शव भंवरनाथ-तहबरपुर मार्ग पर रख कर चक्का जाम कर दिया। परिजन डीएम व एसपी को मौके पर बुलाने की मांग कर रहे थे। पूरी रात डीएम-एसपी मौके पर नहीं आए और परिजन व ग्रामीण चक्काजाम कर बैठे रहे।
गुरुवार की सुबह सात बजे से बरसात भी शुरू हो गई। इसके बाद भी परिजन चक्का जाम कर बैठे रहे और डीएम-एसपी को बुलाने की मांग करते रहे। मौके पर कंधरापुर व कप्तानगंज थाने की पुलिस मौजूद थी और समझाने का प्रयास असफल ही साबित हो रहा था।