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मनरेगा कार्य में फर्जीवाड़ा, कागजों में मजदूर कर रहे काम, हो गया था मानदेय का भुगतान

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आजमगढ़। लॉकडाउन में श्रमिक वर्ग की समस्या को देखते हुए हर गांव में मनरेगा का कार्य शुरू करने पर जोर दिया जा रहा है लेकिन इसमें भी खेल हो रहा है। मनरेगा कार्य में ऐसे ही एक मामले का खुलासा जहानागंज ब्लाक के सेमा गांव में हुआ। यहां कागजों में चकबंध का निर्माण कार्य में मजदूर दिखाए जा रहे थे। पूछताछ में मजदूर काम मिलने से मुकर गए। मामले में प्रधान, सचिव, टीए, एपीओ और बीडीओ के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
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मुख्य विकास अधिकारी आनंद कुमार शुक्ला ने 13 मई को जहानागंज के ग्राम पंचायत सेमा में मनरेगा योजनांतर्गत परियोजना आंबेडकर पार्क से निजामपुर सरहद तक चकबंध निर्माण कार्य का आकस्मिक निरीक्षण किया। मस्टररोल के अनुसार एक मई से सात मई तक कार्य कराया जाना दिखाया गया है। अनुसूचित जाति बस्ती के श्रमिकों के इय परियोजना में कार्य करना दिखाया गया था। पूछताछ में अमन कुमार, सूरज कुमार, दिवाकर कुमार, सोनू कुमार, बालचन्द, बाबूलाल, प्रेमचंद, दीपक कुमार, सुभाष ने कहा कि मात्र दो दिन काम किया था।
35 श्रमिकों का नाम एमआईएस पर फीड है जिसमें 13 महिलाएं भी शामिल हैं। ग्रामवासियों ने बताया कि महिलाओं ने कोई कार्य नहीं किया है। अनियमित तरीके से उनके पक्ष में श्रमांश की धनराशि भुगतान किया गया है। तकनीकी सहायक ने एमबी पर 223 मानव दिवस के सापेक्ष 44823 के प्रमाणीकरण पर बीडीओ और एपीओ ने 44,823 का भुगतान किया है। डीएम एनपी सिंह ने प्रथम दृष्टया दोषी प्रधान अमित कुमार सिंह पर पंचायत राज एक्ट की धारा-95 जी के तहत कार्रवाई, सचिव इंदुप्रकाश राय के विरुद्ध अनुशासनिक कार्रवाई, तकनीकी सहायक राममोहन सिंह और अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी संदीप कुमार शिवा के बीडीओ जहानागंज को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। अन्य कार्रवाई के लिए उपायुक्त श्रम रोजगार को निर्देश दिए हैं।
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