जिले के जिन मदरसों की जांच हुई है उनमें मुबारकपुर के मदरसा जामिया नुरुल उलूम, मदरसा अशरफिया सिराजुल उलूम नेवादा अमिलो, अरबिया दारूतालीम सोफीपुरा, बाबुल ईल्म निस्वां, जफरपुर का मदरसा अरबिया जियाउल उलूम मंदे, बम्हौर का मदरसा मदरसतुल आलिया शेख रज्जब अली, जामिया अरबिया तनवीर उल उलूम नौशहरा, अरबिया कासिमुल मगरांवा, इस्लामिया जमीअतुल कुरैश जालंधरी समेत कुल 20 मदरसे शामिल है।
मामले में एसआईटी, लखनऊ के डीजी राजेंद्र पाल सिंह ने कहा कि एक आरटीआई के माध्यम से आजमगढ़ व मिर्जापुर जिले के मदरसों में फर्जी नियुक्ति का खुलासा हुआ था। इसके बाद ही शासन ने एसआईटी को जांच सौंपी थी। आजमगढ़ के 20 मदरसों में फर्जीवाड़े की बात थी। जांच में आरोप की पुष्टि होने पर एसआईटी थाने में कुल 21 लोगों के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत कराया गया है।
फर्जीवाड़े के इस प्रकरण में इन मदरसा प्रबंधकों अख्तर अब्बास, फैजान अहमद, मोहम्मद आरिफ, गुलाम मोहम्मद, गयासुद्दीन, हाफिजुर रहमान के अलावा सहायक अध्यापक गयासुर रहमान, अब्दुल अलीम, अब्बास अली, बरकत अहमद, यासमीन अख्तर ,अरमान अहमद खान, मोहम्मद मेहंदी, साजिदा बानो तथा लिपिक शादाब अहमद, फहीम एजाज, मोहम्मद अरशद, मोहम्मद शाहनवाज और चपरासी मुश्ताक अहमद के खिलाफ नामजद एफआईआर की गई है। इस मामले में अल्पसंख्यक कल्याण निदेशालय के अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।