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Azamgarh News: ढाई करोड़ की परकूपाइन भी नहीं रोक पाई कटान, 50 बीघा से अधिक खेत कटे

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सहबदिया में कटान करती सरयू नदी। संवाद
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सगड़ी तहसील क्षेत्र में सरयू का जलस्तर तेजी से घटने के साथ ही कटान का खतरा और बढ़ गया है। सहबदिया, देवारा खास राजा और बरामद टेकनपुर गांव के बरामदपुर में किसानों की बाढ़ के बाद 50 बीघे से अधिक खेत नदी में समा चुके हैं।
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सहबदिया में लगाई गई परकूपाइन भी नदी में समा गई है। नदी की तेज कटान ने सहबदिया गांव के सामने ढाई करोड़ रुपये की लागत से लगाई गई परकूपाइन को भी बेअसर कर दिया है। परकूपाइन से आगे करीब 15 से 20 बीघा कृषि भूमि नदी की धारा में समा चुकी है।
सहबदिया गांव के सामने कटान रोकने के लिए सिंचाई विभाग की ओर से करीब ढाई करोड़ रुपये की लागत से परकूपाइन लगाई गई थी। इसके बावजूद नदी की धारा अब उससे आगे की जमीन को काट रही है। इससे किसानों में चिंता बढ़ गई है।
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बरामद टेकनपुर गांव के बरामदपुर के सामने भी नदी कटान कर रही है। यहां दिनेश पटेल समेत अन्य किसानों की करीब 20 से 25 बीघा जमीन कट चुकी है। जलस्तर के घटने-बढ़ने के कारण नदी की धारा लगातार अपना रुख बदल रही है और कृषि भूमि को नुकसान पहुंचा रही है।
वहीं, देवरा खास राजा में भी कटान का सिलसिला जारी है। बुधवार को भी रमाकांत, रूप नारायण, रामलौट आदि किसानों की जमीन नदी की कटान की जद में रही। सहबदिया गांव में संत राज, जोखन, श्रीराम, गया समेत अन्य किसानों की कृषि भूमि भी लगातार कट रही है।
किसानों ने प्रशासन से कटान रोकने के लिए प्रभावी इंतजाम किए जाने की मांग की है। एसडीएम सगड़ी संजीव कुमार राय ने कहा कि स्थानीय लेखपाल को भेजकर इसका स्थलीय निरीक्षण कराया जाएगा। किसानों की जो क्षति हुई है उसका उचित मुआवजा दिया जाएगा।
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देवारा में पशुओं के लिए बढ़ी चारे की समस्या
सरयू नदी का जलस्तर बढ़ा तो पशुओं के चारे की समस्या बढ़ गई। पशुओं को खिलाने के लिए खेतों में बोए गए बाजरा बाढ़ के पानी में डूबकर बर्बाद हो गए हैं। ऐसे में अब गांव की महिलाओं को काफी दूर जाकर पशुओं के चारे की व्यवस्था करनी पड़ रही है। यह हालत गांगेपुर के जहदर की महिलाओं की है। वे अपने घर से नदी पार कर करीब एक किलोमीटर दूर नदी के दुआबे में जाकर पशुओं के चारे की व्यवस्था कर रही हैं और नाव से चारा लेकर घर आ-जा रही हैं। ग्रामीणों का मानना है कि पशुओं के चारे की व्यवस्था करनी जरूरी है, जो था वह बाढ़ के पानी में बर्बाद हो गया है। किसी तरह से पशुओं के हरे चारे की व्यवस्था की जा रही है। देवारा खास राजा, बाका, बुढ़नपट्टी, शाहडीह, सोनौरा आदि गांवों का भी यही हाल है। संवाद

बदरहुआ नाले पर 20 और डिघिया में नौ सेमी घटा पानी
लाटघाट। सरयू नदी के जलस्तर में शुक्रवार को गिरावट दर्ज की गई। बदरहुआ नाले पर बृहस्पतिवार शाम चार बजे जलस्तर 71.02 मीटर था, जो शुक्रवार को 20 सेंटीमीटर घटकर 70.82 मीटर हो गया। वहीं, डिघिया नाले पर जलस्तर 70.21 मीटर से नौ सेंटीमीटर घटकर 70.12 मीटर पहुंच गया। डिघिया नाले का न्यूनतम जलस्तर 68.90 मीटर, खतरा बिंदु 70.40 मीटर और अधिकतम जलस्तर 72.59 मीटर है। जबकि बदरहुआ नाले पर न्यूनतम जलस्तर 70.25 मीटर, खतरा बिंदु 71.68 मीटर और अधिकतम जलस्तर 73.52 मीटर निर्धारित है। जलस्तर में गिरावट के बावजूद नदी किनारे कटान का खतरा बना हुआ है। संवाद
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