आजमगढ़। केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के आह्वान पर केंद्रीय कर्मचारियों की संयुक्त समन्वय समिति, बीमा, बैंक, बीएसएनएल, डाक कर्मियों सहित विभिन्न कार्य क्षेत्रों में कार्यरत मजदूरों व केंद्रीय कर्मचारियों ने सोमवार को हड़ताल की। शहर से लेकर गांव तक के लोग पैसा निकालने के लिए परेशान थे। एटीएम पर कतार लगी थी। इस बीच आम जनता परेशान दिखी। केंद्रीय ट्रेड यूनियनों की हड़ताल का असर सोमवार को जिले में भी देखने को मिल रहा है। हड़ताल के तहत जिले में ट्रेड यूनियनों से जुड़े बैंक और डाकघरों के कर्मचारी दो दिन की हड़ताल पर उतर गए है। हड़ताल से दोनों जगहों पर करीब एक अरब रुपये से ज्यादा का लेनदेन प्रभावित हुआ है। वहीं, व्यापारिक वर्ग समेत कई लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। देशव्यापी हड़ताल के तहत जिले में भी ट्रेड यूनियनों से जुड़े अधिकारी और कर्मचारी भी अपनी विभिन्न मांगों को लेकर सोमवार से दो दिन की हड़ताल पर उतर गए है, जिसमे जनपद के ग्रामीण बैंक और डाकघरों के कार्मिक भी शामिल है। बैंक और डाकघरों के कार्मिकों के हड़ताल में रहने पर ग्रामीण बैंक और डाकघरों में कामकाज पूरी तरह से ठप्प रहा। गोरखपुर डिवीजन इन्श्योरेंस इम्प्लाइज यूनियन के बैनर तले एलआईसी एवं जीआईसी आजमगढ़ के सभी कर्मचारी दो दिवसीय हड़ताल पर रहे। जिसमें शेषनाथ राय, जगजीवन राम सोनकर, संतोष कुमार, बीके पांडेय, अर्जुन कुमार, अमित कुमार, देश कुमार सहित आदि उपस्थित थे।
वहीं विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के बैनर तले इलेक्ट्रिक अमेंडमेंट बिल 2021 के विरोध में विद्युत कर्मचारियों की प्रमुख समस्याओं के समाधान के लिए विद्युत कर्मचारियों ने विरोध जताया। विरोध प्रदर्शन का मुनौव्वर अली की अध्यक्षता एवं प्रभु नारायण पांडेय प्रेमी ने संचालन किया। इस अवसर पर राज नरायण सिंह, धर्मू प्रसाद यादव, संदीप प्रजापति, वीरेंद्र सिंह सहित आदि उपस्थित थे। इसी प्रकार केंद्रीय नेतृत्व पोस्टल जीसीए के आह्वान पर कर्मचारी विरोधी सरकारी नीतियों के विरूद्घ दो दिवसीय हड़ताल डाक विभाग के कर्मचारियों ने की। ऑल इंडिया पोस्टल इम्प्लाईज ग्रुप सी आजमगढ़ मंडल शाखा के सचिव रतन कुमार यादव की उपस्थिति में समस्त डाक कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर हड़ताल में सम्मिलित हुए। मंडल के समस्त डाकघरों में कार्य पूर्ण रूप से बंद रहा।
कर्मचारियों ने निकाला जुलूस
आजमगढ़। हड़ताल पर रहे कर्मचारी एक जुलूस के रूप में यूनियन बैंक के क्षेत्रीय कार्यालय से बीएसएनएल कार्यालय, प्रधान डाकघर, कलेक्ट्रेट चौराहा, रैदोपुर चौराहा, गांधी तिराहा होते हुए यूनियन बैंक के क्षेत्रीय कार्यालय पर समाप्त हुआ। हड़ताल व जुलूस में अखिल भारतीय किसान महासभा के साथी रविंद्र राय, बीएसएनएल के साथी आनंद सिंह, गुलाब राय यूनियन बैंक के साथी विष्णु गुप्ता, रिजवान अहमद, डाक तार से रतन यादव, अमरदीप एवम एलआईसी से शेषनाथ राय आदि ने विचार व्यक्त किए। जुलूस में शामिल साथियों में बैंक से जनार्दन, रामप्रकाश, सदरे आलम,धीरज, शिशिर, सौरभ, गिरीश,अखिलेश, सभाजीत, मोती राम,वंशराज, विजय चौहान, बीएसएनएल से पंचानन राय, हरदरश राय, वीरेंद्र, श्यामनारायण, रमाकांत, सुनील, तौफीक, प्रशांत, नंदलाल, मताप्रसाद, अविनाश, राजमंगल, एसपी सिंह, अरविंद यादव अशोक तिवारी, रामाशीष यादव, अविनाश और शिवशंकर डाक तार से अजीत, विवेक पटेल,सुजीत व सूर्यप्रकाश एलआईसी अमित कुमार अखिल भारतीय प्रगतिशील छात्र मंच के राहुल,संदीप, विश्वजीत किसान संग्राम समिति से दुखरान राम आदि ने भाग लिया।
ट्रेड यूनियनों की ये हैं मांगें
आजमगढ़। सार्वजनिक क्षेत्र के विनिवेश व निजीकरण पर रोक लगाई जाए। ओल्ड पेंशन स्कीम बहाल की जाए। आउटसोर्स नीति बनाई जाए। स्कीम वर्करों को नियमित सरकारी कर्मचारी घोषित किया जाए। मनरेगा मजदूरों को दो सौ दिन का रोजगार और 500 रुपये दिहाड़ी की जाए। आठवें वेतन आयोग का गठन किया जाए। अनुकंपा नियुक्ति में पांच प्रतिशत की सीमा खत्म किया जाए। जीडीएम एवं कान्ट्रैक्ट श्रमिकों को नियमित किया जाए। वेतन आयोग की विसंगतियों को दूर कर इसका लाभ कर्मचारियों को जल्द दिया जाए। मजदूरों का न्यूनतम वेतन 21 हजार रुपये घोषित किया जाए। सभी लंबित कैडर रिव्यू को पूर्ण किया जाए। पेट्रोल, डीजल, रसोई गैस व खाद्य वस्तुओं की भारी महंगाई पर रोक लगाने के लिए कदम उठाए जाएं। मोटर व्हीकल एक्ट में मालिक व मजदूर विरोधी संशोधनों को वापस लिया जाए।