मेजवां। कार्तिक पूर्णिमा पर फूलपुर तहसील क्षेत्र के पौराणिक स्थल दुर्वासा धाम पर लगने वाला ऐतिहासिक मेले को लेकर असमंजस की स्थिति है। प्रशासन की स्वीकृति पर ही मेला लगाया जाएगा। अन्यथा सिर्फ स्नान का ही आयोजन किया जाएगा। किसी सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन नहीं किया जाएगा।
एसडीएम फूलपुर रावेन्द्र सिंह ने बताया कि महामारी से जनता को बचाने के लिए निर्णय लिया गया है। मेला लगाने के लिए समिति को शासन-प्रसासन की स्वीकृत लेनी होगी। इसके बाद ही मेले का आयोजन होगा। दुर्वासा मेले में हजारों की संख्या में आने वाली भीड़ से कोविड प्रोटोकाल का अनुपालन करा पाना मुश्किल होगा। एसडीएम ने कहा कि अभी भी कोरोना संक्रमण है, लेकिन इसकी गति धीमी है। ऐतिहासिक और पौराणिक स्थल दुर्वासा में प्रतिवर्ष कार्तिक पूर्णिमा पर विशाल मेला लगता है। इस वर्ष 29 नवंबर से एक दिसंबर तक मेला लगने की बात कही जा रही है। मुख्य मेला 30 नवंबर को है। हजारों की संख्या में श्रद्धालु पवित्र तमसा और मंजूषा तट पर स्नान करने आते हैं।