ठेकमा। दरियापुर बसहीं और भगवानपुर गांवों के चार हजार मतदाता सरकार चुनते हैं लेकिन सरकार को उनके बारे में कुछ पता नहीं। जिले के ठेकमा ब्लॉक में आबाद इन गांवों का लेखाजोखा भारत सरकार की उस वेबसाइट पर नहीं है, जिसके जरिए आवास दिए जाते हैं। इन गांवों के प्रधानों ने आवास का प्रस्ताव बनाकर भेजा लेकिन पोर्टल पर गांव नहीं मिला तो लोगों को आवास के पैसे नहीं मिले।
दरियापुर बसहीं गांव की कुल आबादी 4500 है, जिसमें 3600 मतदाता हैं। पोर्टल पर गांव का विवरण नहीं होने के कारण यहां के लोगों को प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री आवास का लाभ नहीं मिल पा रहा है। पूर्व प्रधान राजबहादुर यादव ने बताया कि हमने लोगों से आवास और शौचालय दिलाने का वादा किया था। चुनाव के बाद हमने सेक्रेटरी के साथ मिलकर सूची तैैयार कराई लेकिन पोर्टल पर गांव नहीं होने के कारण किसी को आवास नहीं मिल सका। इसके लिए लखनऊ तक प्रयास किया लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ।
भगवानपुर की आबादी 2000 है, जिसमें मतदाता 1400 हैं। गांव की पूर्व प्रधान बदामी देवी ने बताया कि गांव को पोर्टल पर दर्ज कराने के लिए काफी प्रयास किया गया लेकिन समस्या हल नहीं हुई। गांव के 75 लोगों आवास की सख्त जरूरत है। इसके अलावा बहुत से लोगों को शौचालय की दरकार है।
ग्राम पंचायत अधिकारी राम सभार यादव व चंदन प्रजापति ने बताया कि दोनों गांवों के नाम पोर्टल पर नहीं होने के कारण आवास की सूची फीड नहीं हो पाती है। इसकी शिकायत प्रदेश मुख्यालय में की गई लेकिन कोई लाभ नहीं हुआ। दोनों गांव में बहुत से गरीब लोग हैं, जिनके पास मकान नहीं हैं।
आजमगढ़ ही नहीं बल्कि पूरे प्रदेश में ऐसे बहुत से गांव हैं जो पीएम आवास और सीएम आवास के पोर्टल पर नहीं हैं। लाभार्थियों का चयन शासन स्तर से ही होता है। फिर भी हम प्रयास करेंगे कि यह गांव पोर्टल पर दर्ज हो जाएं और गांव के लोगों को इस योजना का लाभ मिले।-अभिमन्यु कुमार सिंह, परियोजना निदेशक, जिला ग्राम्य विकास अभिकरण