फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Azamgarh News: नहीं मिला योजना का लाभ, आवासहीनों के लिए ठंड में रात बिताना दुश्वार

विज्ञापन
विज्ञापन
आजमगढ़। आवास योजना का लाभ नहीं मिलने से ठंड की सर्द रातें आवासहीन गरीबों की नींद उड़ा रही हैं। कच्चे और घास फूस से बने मकानों में शीतलर में ठंडी हवाएं रात भर जागने को विवश करती हैं। ऐसे में वर्ष 2024 तक हर आश्रयहीन के सर पर पक्के छत का वादा भी कागजी साबित होता दिख रहा है। जबकि पीएम आवास एवं मुख्यमंत्री आवास योजना में गरीबों को लाभ देने की जिम्मेदारी नगरीय विकास अभिकरण डूडा और ग्रामीण अभियंत्रण विभाग को मिली हुई है। इसके बाद भी जिले में बहुतायत ऐसे गरीब परिवार हैं जिन्हें आज तक योजना का लाभ नहीं मिल सका।
विज्ञापन


पीएम आवास योजना के तहत अब तक एक लाख नौ हजार 272 को छत मुहैया कराया गया है। वहीं मुख्यमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत कुल 7120 लोगों को लाभ दिया गया है। वहीं, शहर क्षेत्र में प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना के तहत 16284 लोगों को खुद का घर मुहैया कराया गया है। इनमें लगभग पात्रों के आवास बनकर तैयार हैं कुछ ही ऐसे होंगे जिनका आवास अभी पूरा नहीं हो सका। वहीं, एक नजर ग्रामीण क्षेत्रों में डाली जाए तो बहुतायत की संख्या में ऐसे गरीब होंगे जो घास-फूस से झोपड़ी बनाकर रह रहे लेकिन उन्हें आवास योजना का लाभ नहीं मिल सका। ऐसे में वर्ष 2024 तक हर आश्रयहीन के सिर पर पक्की छत वायदा भी कागजी साबित होता दिखता है।

00



आवास प्लस की सूची में नहीं था गांव का नाम



ठेकमा ब्लॉक के दरियापुर बसही और भगवानपुर गांव का नाम आवास प्लस की सूची में शामिल नहीं हो सका। इसके कारण दोनों गांवों के लोग प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री आवास योजना का लाभ पान से वंचित रह गए। हालांकि अधिकारियों ने मामले को संज्ञान में लिया तो 230 पात्रों की सूची भी तैयार हुई लेकिन बाद में सब ठंडे बस्ते में चला गया। इस गांव में करीब 250 लोग हैं जो प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री आवास के लिए पात्र हैं इसके बाद भी उन्हें योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है।
विज्ञापन


00



केस-1

ठंड में रात काटना दुश्वार

अजमतगढ़ ब्लॉक के मिर्जापुर गांव निवासी अनीता पुत्री जमुना ने बताया कि परिवार में दो बेटियां और एक 11 वर्ष का दिव्यांग बेटा है। परिवार किसी तरह मजदूरी कर के जीवन यापन करता है। उनके पास सिर छिपाने के लिए पक्का मकान नहीं है। आज तक कोई अधिकारी हाल भी जानने नहीं आया। ऐसे में ठंड में रात काटना दुश्वार है।



00

केस-2



कटरैन के नीचे करना पड़ रहा गुजारा



मिर्जापुर गांव निवासी सुशीला पत्नी जगत ने बताया कि परिवार में तीन बेटियां और एक बेटा है। जमीन भी ना के बराबर है। बरसात में छत से पानी टपकता है। मजबूरी में पूरे परिवार को कटरैन के नीचे गुजर बसर करना पड़ रहा है। पति मजदूरी है। पक्के मकान के लिए कई बार प्रधान से कहा लेकिन अब तक कोई सुनवाई नहीं हुई।

00



केस-3



आवास के लिए नहीं होती सुनवाई :



मिर्जापुर गांव निवासी रीना पत्नी रामबचन ने बताया कि पिछले कई साल से पूरा परिवार छोटे से कटरैन में रहता है। पति मजदूरी करते हैं। जमीन भी नाम मात्र है। आवास के लिए ब्लॉक कार्यालय तक चक्कर लगाई लेकिन अभी तक आवास नहीं मिल सका।

00



केस-4



घास फूस के घर में रहने को मजबूर



मिर्जापुर गांव निवासी अनीता पत्नी त्रिभुवन पति और चार बच्चों के साथ छप्पर के मकान में रहकर जीवन बसर कर रही है। दिहाड़ी मजदूरी से जितने पैसे की कमाई होती है। उससे केवल परिवार का खर्च ही पूरा हो पाता है। पात्रता के बाद भी उन्हें अभी तक आवास योजना का लाभ नहीं मिल सका है।

00



नई गाइडलाइन से मिलेगा फायदा

प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के अंतर्गत आवास प्लास सर्वेक्षण-2024 का सर्वे शुरू हो गया है। शासन के निर्देशानुसार सभी को इसकी जानकारी मुहैया करा कर अब तक आवास पाने से वंचित लोगों से आवेदन लेकर उन्हें आवास आवंटित कराए जाएंगे।- रिचा सिंह, परियोजना निदेशक आजमगढ़।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें