ोहब्बतपुर में ही विश्वविद्यालय बनवाने की मांग को लेकर जिलाधिकारी कार्यालय के बाहर प्रदर्शन करत?
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आजमगढ़। मोहब्बतपुर में विश्वविद्यालय खोलने के लिए ग्रामीणों ने सोमवार को विश्वविद्यालय अभियान के बैनर तले जिलाधिकारी कार्यालय पर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी मोहब्बतपुर में विश्वविद्यालय खोले जाने संबंधी नारे भी लगा रहे थे। लोगों ने जिलाधिकारी को मांगों से संबंधित ज्ञापन भी दिया। उनका कहना था कि विश्वविद्यालय कहीं और खुलने पर उसका हश्र भी मेडिकल कालेज की तरह हो सकता है। इससे समय व धन दोनों की बर्बादी भी होगी।
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि विश्वविद्यालय के अन्यत्र भूमि क्रय करने में 60-70 करोड़ रुपये खर्च होंगे। मोहब्बतपुर में पहले से ही 19.3 करोड़ देकर 327 काश्तकारों की भूमि ली जा चुकी है। काश्तकारों ने सड़क के किनारे की कीमती और उपजाऊ भूमि विश्वविद्यालय के नाम पर कम दामों में प्रशासन को दे दी है। विश्वविद्यालय मोहब्बतपुर की बजाय अन्यत्र स्थानांतरित की कोशिश होने की जानकारी मिलने पर अब वे काश्तकार ठगा महसूस कर रहे हैं। जिलाधिकारी ने लोगों को भरोसा दिया कि प्रशासन की मंशा मोहब्बतपुर में ही विश्वविद्यालय खोले जाने की है। शासन स्तर से मिट्टी की व्यवस्था के संबंध में जानकारी मांगी गई है। जिसे उन्होंने भेज दिया है। लोगों का कहना था कि मोहब्बतपुर में चिह्नित व अधिग्रहीत भूमि आजमगढ़ व मऊ दोनों जिलों के विद्यार्थियों के लिए उपयुक्त है। नगर से मात्र तीन किमी की दूरी पर स्थित है। डेढ़ वर्ष पूर्व चिह्नित इस भूमि में से 38 एकड़ सरकारी भूमि है। इतनी सरकारी भूमि जनपद में कहीं नहीं है। यदि कहीं और भूमि चिह्नित भी की जाती है तो उसे खरीदने के लिए अतिरिक्त धनराशि की व्यवस्था करनी होगी। मोहब्बतपुर में अधिग्रहीत भूमि को लो लैंड बताकर दूसरी जगह जमीन देखना समय व धन की बर्बादी है। प्रदर्शन में डा.सुजीत भूषण, डा. प्रवेश कुमार सिंह, डा.मनिंदर सिंह, अनीता द्विवेदी, सुमन सिंह, अवधेश राम, साधू, अमित कुमार सिंह, शिवबोधन उपाध्याय, दीनानाथ सिंह, रणविजय सिंह, अजीत सिंह, संतोष पांडेय, विकास यादव, अशोक सिंह, ज्ञानपाल सिंह, मार्तण्ड सिंह, सत्यजीत श्रीवास्तव, फैजान अहमद, वंशराज सिंह, प्रिंस श्रीवास्तव, श्यामलाल गोंड, बालेश्वर राजभर आदि शामिल रहे।