एसपी के निर्देश पर 24 घंटे बाद बुधवार शाम अपहरण का मुकदमा दर्ज हुआ। वहीं गुरुवार सुबह फूलपुर कोतवाली क्षेत्र के अंबारी बाजार स्थित जनता इंटर कॉलेज के सामने अपहृत दंपत्ति इंद्रपाल और शकुंतला का शव सड़क किनारे स्थित गड्ढे में पड़ा मिला। पास में ही उनकी बाइक भी गिरी थी।
राहगीरों ने शव देखा को पुलिस को सूचना दी गई। मौके पर पहुंची फूलपुर कोतवाली पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए मर्चरी भेज दिया। मृतक एक पुत्र व दो पुत्रियों का पिता था। इंद्रपाल मौर्या फुलवरिया बाजार के सजनी मोड़ पर दुकान चलाता था। घटना से परिजनों में कोहराम मच गया है।
घटनास्थल पर मौजूद पुलिस और लोग।
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पारा गांव के ग्रामीणों ने गुरुवार सुबह अहरौला थाने का धेराव कर दिया। ग्रामीणों का आरोप था कि पुलिस इस मामले में लापरवाही बरत रही है। एसओ गजानन चौबे ने घेराव कर रहे ग्रामीणों को डरा-धमका कर थाने से भगा दिया। इसके दो से तीन घंटे बाद ही अपहृत दंपत्ति का फूलपुर के अंबारी बाजार में शव सड़क किनारे फेंका हुआ मिला।
तीन के खिलाफ दर्ज हुआ मुकदमा
एसपी के निर्देश पर बुधवार शाम भतीजा प्रदीप के तहरीर पर तीन के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ है। जिसमें पक्खनपुर गांव निवासी मकरंदा सिंह, उनके भाई नगीना सिंह व नगीना की पत्नी शामिल है। घटना के पीछे कारण भूमि का विवाद बताया जा रहा है।
अपहृत दंपत्ति की लाश मिलने के बाद परिजनों और ग्रामीणों में पुलिस के प्रति खासा आक्रोश है। लोगों का कहना है कि यदि अहरौला थाना पुलिस अपहरण की सूचना मिलते ही सक्रिय हो जाती तो शायद दंपत्ति की जान बच गई होती। भतीजे प्रदीप का आरोप है कि एसओ अहरौला को उन्होंने घटना वाले दिन ही सूचना दी। लिखित तहरीर भी दी गई लेकिन अहरौला पुलिस ने जांच-पड़ताल करना तो दूर मुकदमा दर्ज करने से इंकार करते हुए उन्हें बैरंग भेज दिया।
बाद में एसपी के निर्देश पर बुधवार शाम मुकदमा दर्ज किया गया। यदि पुलिस समय रहते सक्रिय हो गई होती तो शायद उसके चाचा-चाची आज जीवित होते। ग्रामीणों ने अहरौला थाना पुलिस पर लापरवाही बरतने व अपराधियों से मिली भगत होने का भी आरोप लगाया है।