आजमगढ़ जिले की पुलिस को साइबर ठगी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में बड़ी सफलता हाथ लगी है। फर्जी बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) बनकर ईसीसीई शिक्षक (ईसीसीई एजुकेटर) पद पर नियुक्ति पत्र दिलाने के नाम पर लाखों रुपये की ठगी करने वाले एक अंतरजनपदीय अभियुक्त को साइबर क्राइम थाना पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी के कब्जे से दो एंड्रॉयड मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं, जिनमें ठगी से जुड़े कई डिजिटल साक्ष्य मिले हैं।
क्या है पूरा मामला
पुलिस अधीक्षक आजमगढ़ डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन में, अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण चिराग जैन व अपर पुलिस अधीक्षक यातायात विवेक त्रिपाठी के पर्यवेक्षण तथा क्षेत्राधिकारी साइबर क्राइम आस्था जायसवाल के मार्गदर्शन में यह कार्रवाई की गई। साइबर थाना प्रभारी निरीक्षक देवेंद्र प्रताप सिंह के नेतृत्व में तकनीकी विश्लेषण और मोबाइल लोकेशन के आधार पर अभियुक्त को कस्वा पट्टी, जनपद प्रतापगढ़ से गिरफ्तार किया गया।
अभ्यर्थियों का ऐसे जीतता था भरोसा
एसपी ग्रामीण चिराग जैन ने बताया कि राम सिंह, निवासी प्रयागराज, स्वयं को आजमगढ़ का बेसिक शिक्षा अधिकारी बताकर ईसीसीई शिक्षक पद पर चयन का झांसा देता था। उसने uttarpradeshbsaofficeazamgarh@gmail.com नाम से फर्जी ई-मेल आईडी बनाई थी और व्हाट्सएप व ट्रूकॉलर पर बीएसए के नाम व फोटो का दुरुपयोग कर अभ्यर्थियों का भरोसा जीतता था।
इसे भी पढ़ें; UP: बलिया हत्याकांड में सात घंटे में बड़ी कार्रवाई, पांच बदमाश गिरफ्तार; इस वजह से दुकानदार को मारी थी गोली
इसके बाद जनसेवा केंद्रों के क्यूआर कोड भेजकर 10,000 से 40,000 तक की धनराशि मंगाई जाती थी। पैसा मिलते ही अभ्यर्थियों के मोबाइल नंबर ब्लॉक कर दिए जाते थे। बरामद मोबाइलों के विश्लेषण में फर्जी ई-मेल, व्हाट्सएप प्रोफाइल, ईसीसीई शिक्षक अभ्यर्थियों की सूची, टेलीग्राम ग्रुप के स्क्रीनशॉट सहित अन्य महत्वपूर्ण डिजिटल साक्ष्य मिले हैं। आरोपी के विरुद्ध थाना साइबर क्राइम पर मुकदमा दर्ज किया गया। आरोपी के खिलाफ पूर्व में भी अमरोहा जनपद में ठगी से जुड़े मुकदमे दर्ज हैं।
एसपी ग्रामीण चिराग जैन ने आमजन से अपील की है कि किसी भी सरकारी नौकरी या नियुक्ति के नाम पर ई-मेल, कॉल या सोशल मीडिया के माध्यम से धनराशि मांगे जाने पर सतर्क रहें। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत नजदीकी थाना या साइबर हेल्पलाइन पर दें।