निजामाबाद और सरायमीर थाना क्षेत्र में पिछले दिनों दो समुदाय के बीच हुई हिंसक घटना में चिह्नित किए गए आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने कोर्ट में रिपोर्ट भेजकर वारंट जारी करने का आग्रह किया है क्योंकि आरोपियों के विरुद्ध पर्याप्त साक्ष्य, सबूत होने के बाद भी राजनीतिक दबाव के चलते ठीक से कार्रवाई नहीं कर पा रही है।
निजामाबाद थाने के खुदादादपुर गांव में 14 मई की रात मामूली बात पर दो समुदायों के बीच हिंसक घटना हुई थी। इस दौरान तोड़फोड़, लूटपाट और आगजनी हुई थीं। क्षेत्र के फरिहां बाजार, नंदाव मोड़, खानपुर, फरीदाबाद, संजरपुर आदि क्षेत्रों में उपद्रव की घटनाएं हुईं। हालात नियंत्रण में करने के लिए एडीजी कानून एवं व्यवस्था दलजीत चौधरी को यहां कैंप करना पड़ा था। इसके बाद जिला प्रशासन और पुलिस की सख्ती के चलते मामला शांत हो गया।
हालात काबू में करने के लिए सेना के जवान के अलावा भारी संख्या में पुलिस और पीएसी लगानी पड़ी। दो दिनों तक चला विवाद शांत होने के बाद पीड़ितों की तरफ से निजामाबाद और सरायमीर थाने में करीब एक दर्जन से अधिक मुकदमे दर्ज कराए गए। इसमें करीब 14 सौ लोगों को आरोपित किया गया है। पुलिस घटना के मुख्य आरोपियों सहित 24 लोगों को गिरफ्तार कर उन्हें जेल भेजवाने में सफल रही। शेष आरोपियों की गिरफ्तारी में तमाम तरह के दबाव बनाए जा रहे हैं।
राजनीति के चलते पुलिस दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई नहीं कर पा रही। ऐसे में वीडियो फुटेज, फोटो, गवाह आदि के जरिए पहचाने गए आरोपियों की सूची तैयार कर वारंट के लिए कोर्ट में रिपोर्ट भेजी है। एसपी अजय कुमार साहनी ने बताया पर्याप्त साक्ष्य, सबूत होने के बाद भी कई आरोपी अपने को निर्दोष बता रहे हैं। उन्हें बचाने के लिए तरह-तरह के दवाब बनाए जा रहे हैं। ऐसे में पुलिस कोर्ट से जारी वारंट के आधार पर चिह्नित आरोपियों को गिरफ्तार करेगी। अदालत में रिपोर्ट भेजी जा चुकी है।