आजमगढ़। एक तरफ एडीए अवैध निर्माणों पर रोक नहीं लगा पा रहा, दूसरी तरफ प्रशासन की ओर से उसे कार्रवाई के लिए रोका जा रहा है। ऐसे में एडीए कर्मियों और अवैध निर्माण करने वालों की चांदी कट रही है। एडीए कर्मी जहां इन निर्माणों को पूरा कराने की एवज में मोटी रकम वसूल रहे हैं वहीं कृषि क्षेत्र और ग्रीन लैंड एरिया में अवैध निर्माण कराने वाले तेजी से निर्माण कराने में जुटे हैं।
आजमगढ़ विकास प्राधिकरण जनपद के कृषि, ग्रीन बेल्ट और पार्क की भूमि पर होने वाले अवैध निर्माणों को रोकने में नाकाम साबित हुआ है। विभाग के कर्मचारी ही इन अवैध निर्माणों को पूरा करा रहे हैं। जिसके एवज में उनके द्वारा अवैध निर्माण कर्ताओं से मोटी रकम वसूली जाती है। समय-समय पर अवैध निर्माण कर्ताओं पर कार्रवाई न करने के लिए विभागीय अधिकारियों की क्लास भी लगती रहती है। इसके बाद भी विभागीय कर्मचारी अपनी आदत से बाज नहीं आ रहे हैं। एनजीटी के आदेश पर एडीए ने 29 और 30 जनवरी को कार्रवाई का मूड बनाया। सारी तैयारियों पूरी कर ली गई लेकिन जब कार्रवाई के लिए वह निकलते उसी समय प्रशासन द्वारा कार्रवाई को रोक दिया गया। जिसका परिणाम है कि एडीए कर्मियों और अवैध निर्माण करने वालों के हौसले बुलंद हो गए हैं। वर्तमान में विमती में पेट्रोल पंप के पास, सिधारी हाईडिल के पीछे और परानापुर रोड पर एक विशाल भवन का निर्माण कृषि क्षेत्र में तेजी से कराया जा रहा है।
हमारे द्वारा प्रतिदिन कार्रवाई की जा रही है। कल ही हमारे द्वारा कई निर्माणों को रोका गया था। कल फिर निकलते हैं। अगर कहीं इस तरह का निर्माण होता मिला तो उसे गिराया जाएगा और निर्माण पर रोक लगाई जाएगी।
डीबी राम, एई एडीए।