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10 की जान लेने वाले पटाखा गोदाम का था

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आजमगढ़। मुकेरीगंज मुहल्ले में हुई अगलगी की घटना में जिस पटाखा गोदाम की बात सामने आई है, उसका किराया 800 रुपये महीना था। पड़ोस में स्थित लाइसेंसी पटाखा कारोबारी शंभू गुप्ता ने सतिराम से किराये पर लेकर गोदाम बना रखा था। एडीएम प्रशासन व एसपी सिटी की जांच में इस बात की पुष्टि होने पर एफआईआर में उसका नाम भी शामिल किया गया था। पटाखा कारोबारी शंभू को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
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शादी विवाह में पटाखा उपलब्ध कराने वाले तीन लाइसेंसी दुकानदार शंभू गुप्ता, रामानंद गुप्ता व दीपचंद गुप्ता पट्टीदार है। तीनों मुकेरीगंज मुहल्ले में काफी समय से पटाखा की दुकान खोल रखे हैं। दुकान के ऊपरी तल में इनका परिवार भी रहता है। मकान में ही मानक से अधिक पटाखा भरा रहता है। वहीं शंभू गुप्ता पड़ोसी सतिराम के मकान में किराये पर कमरा ले रखा था, उक्त कमरे को ही पटाखा का गोदाम बनाया हुआ था। इसकी पुष्टि एडीएम प्रशासन नरेंद्र सिंह और एसपी सिटी कमलेश बहादुर सिंह की जांच में हुई। शंभू गुप्ता 800 रुपये प्रतिमाह की दर पर किराये पर पटाखा गोदाम लिया हुआ था। इसमें रविवार की शाम वेल्डिंग की चिंगारी से लगी आग ने तबाही मचा दी और 17 लोग झुलस गये। इसमें अब तक 10 लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं अन्य झुलसे पांच लोगों की भी हालत गंभीर बताई जा रही है।
शंभू गिरफ्तार, भेजा गया जेल
आजमगढ़। एडीएम प्रशासन व एसपी सिटी की जांच में अब तक नौ लोगों की जान लेने वाले पटाखा गोदाम का मालिक शंभू के होने की पुष्टि के बाद शहर कोतवाली पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। शंभू को ही अब मुख्य आरोपी बनाया गया है। इसके पूर्व तत्कालीन पहाड़पुर चौकी प्रभारी ने गृहस्वामी सतिराम व विजय उर्फ खिलाड़ी गुप्ता के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। इन दोनों की इस घटना में मौत हो चुकी है।
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मुकेरीगंज के तीनों दुकानों के लाइसेंस निलंबित
आजमगढ़। मुकेरीगंज में शादी विवाह में पटाखा उपलब्ध कराने वाले तीन दुकानदारों शंभू गुप्ता, रामानंद गुप्ता और दीपचंद गुप्ता को वर्षों पहले जिला प्रशासन की ओर से लाइसेंस निर्गत किया गया था। तीनों मुकेरीगंज मुहल्ले में काफी समय से पटाखा की दुकान खोल रखी थी। उस समय ये जगह खाली हुआ करती थी। दुकान के ऊपरी तल में इनका परिवार भी रहता है। मकान में मानक से अधिक पटाखा भरा रहता है। वर्ष 2017 में इनका लाइसेंस रिन्यू किया गया था। ये तत्कालीन शहर कोतवाल और तत्कालीन सीएफओ सुभाष सिंह की रिपोर्ट पर हुआ था। दोनों के खिलाफ कार्रवाई के लिए शासन को रिपोर्ट भेजी जा चुकी है। शंभू गुप्ता पुत्र बीरबल ने पड़ोसी सतिराम के मकान में किराए पर कमरा ले रखा था, उक्त कमरे को ही पटाखा का गोदाम बनाया था। इसकी पुष्टि एडीएम प्रशासन नरेंद्र सिंह और एसपी सिटी कमलेश बहादुर सिंह की जांच में हुई। नियमानुसार पटाखा गोदाम खाली स्थानों पर होने चाहिए। शंभू के अलावा देवानंद और रामानंद ने गोदाम कहीं और दिखाया था और पटाखा यहीं स्टोर कर रखा था। जिला प्रशासन की ओर से तीन दुकानों के लाइसेंस निलंबित कर दिए गए हैं।
जाम लगाने वालों पर मुकदमा दर्ज करने का आदेश
आजमगढ़। मुकेरीगंज अग्निकांड में बुधवार को अजय मौर्या निवासी सेकपुरा थाना शहर कोतवाली की भी उपचार के दौरान सिधारी स्थित एक प्राइवेट अस्पताल पर मौत हो गई थी। मौत के बाद परिजन शव लेकर अस्पताल से निकले तो हर्रा की चुंगी पर चक्काजाम कर दिया था। एडीएम प्रशासन व एसपी सिटी ने मौके से आक्रोशित लोगों की डीएम से वार्ता करायी। परिजन जिला अस्पताल में तैनात एक डॉक्टर पर लापरवाही का आरोप लगा रहे थे। जिस पर डीएम ने जांच कर कर्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद जाम समाप्त हुआ। इस मामले में जिलाधिकारी शिवाकांत द्विवेदी ने अब जाम लगाने वालों के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज करने का निर्देश शहर कोतवाली पुलिस को दिया है।
मुकेरीगंज के तीनों दुकानों को निलंबित कर दिया गया है। अवैध रूप से पटाखा रखने के आरोप में लाइसेंसधारी शंभू को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। इसके अलावा हर्रा की चुंगी में जाम लगाने वालों के खिलाफ पर एफआईआर के निर्देश दिए गए हैं। - शिवाकांत द्विवेदी, जिलाधिकारी
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