फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

गबन के आरोपी लिपिक से नहीं हो सकी 31 लाख की वसूली

विज्ञापन
विज्ञापन
आजमगढ़। जिले के सबसे चर्चित समाज कल्याण घोटाले में आज तक कोई कार्रवाई नहीं हो सकी। हालांकि थानों में रिपोर्ट तो दर्ज हुई, लेकिन आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हो सकी। इतना ही विभाग के एक लिपिक से करीब साढ़े 31 लाख रुपये वसूली का 2016 में ही आदेश हुअ, आरसी भी कटी, लेकिन वसूली नहीं हो सकी। तहसील प्रशासन की दलील है कि 4 सितंबर को आरोपी की जमीन की नीलामी में कोई खरीदार नहीं पहुंचा।
विज्ञापन

बताते चलें कि जिला समाज कल्याण और अल्पसंख्यक कल्याण विभाग में छात्रवृत्ति, शुल्क प्रतिपूर्ति और पेंशन के नाम पर करोड़ों रुपये का घोटाला सामने आया। जांच के दौरान लगभग दो करोड़ 83 लाख रुपये के घोटाले की पुष्टि हो गई थी। जिलाधिकारी के निर्देश पर 34 नामजद लोगों के खिलाफ विभिन्न थानों में मुकदमा दर्ज कराया गया। इनमें से समाज कल्याण कार्यालय में तैनात लिपिक गंगासागर राय पुत्र राजाराम राय पर 3141837 रुपये के चेक को भुनाने और धन का गबन करने में दोषी पाया गया। इस पर मुकदमा दर्ज कराने के साथ ही इनसे वसूली का आदेश जारी हुआ। निजामाबाद तहसील की ओर उनके खिलाफ आरसी भी जारी कई गई। इसके बाद गंगासागर राय ने कोर्ट की शरण ली, लेकिन कोर्ट से भी उन्हें राहत नहीं मिली। इस बीच वसूली के लिए 2016 में ही आरसी कट गई। आरसी कटने के बाद भी तहसील प्रशासन गंगासागर राय से पैसों की वसूली में नाकाम रहा। या कह लें कि वसूली का प्रयास ही नहीं किया गया। अब प्रशासन की ओर से ये दलील दी जा रही है कि आरोपी के खेतों की नीलामी की तैयारी की गई थी, लेकिन खरीदार न पहुंचने के कारण नीलामी नहीं हो सकी। अभी नीलामी की दूसरी तिथि निर्धारित नहीं हो सकी।
इनसेट:
तहसीलदार निजामाबाद मनीष कुमार ने बताया कि फूलपुर कोतवाली क्षेत्र के धर्मदासपुर गांव निवासी गंगासागर के खिलाफ आरसी कटने के बाद वसूली के लिए चार सितंबर 2017 को नीलामी की तिथि निर्धारित की गई थी। निर्धारित तिथि पर कोई भी खरीदार नीलामी में भाग लेने नहीं पहुंचा। जिसके कारण नीलामी टाल दी गई। अब दूसरी तिथि निर्धारित की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें