आजमगढ़ इसका भुक्तभोगी था। यहां के लोग कहीं बाहर जाते थे तो उन्हें किसी धर्मशाला में कमरा नहीं मिलता था। आजमगढ़ का नाम सुनते ही होटलों में भी कमरे नहीं मिलते थे। यह संकट उन्होंने ही खड़ा किया था, जिन्होंने कोरोना काल में यहां की जनता को लावारिस छोड़ दिया था। सीएम ने कहा कि कोरोना काल में हम आजमगढ़ में तीन बार आए थे।
यहां की मेडिकल व्यवस्था समेत अन्य सुविधाओं की लगातार पड़ताल की। भाजपा के पदाधिकारी और कार्यकर्ता सेवा के कार्य में जुटे थे। लेकिन आजमगढ़ के सांसद नदारद थे। उनका कहीं पता ही नहीं था। पहली लहर में मैंने पूछा कि आजमगढ़ के सांसद कहां है, तो पता चला कि इंग्लैंड गए। जब दूसरी लहर आई तो पता किया तब पता चला कि ऑस्ट्रेलिया गए हैं। उन्होंने मौजूद जनता से पूछा कि आजमगढ़ के लोगों ने उन्हें ऑस्ट्रेलिया व इंग्लैंड जाने के लिए तो नहीं चुना था ना।
सगड़ी में जनसभा को संबोधित करते हुए सीएम ने कहा कि समाजवादी पार्टी की सरकार में तो अराजकता ही उसका पर्याय हो गया था। सीएम योगी ने कहा कि कुछ लोगों ने बाबा साहब भीमराव आंबेडकर के नाम पर राजनीति तो की लेकिन जब भी अनुसूचितों व गरीबों की बात होती थी, उनपर अत्याचार होते थे तो वो मौन साध लेते थे।
याद कीजिए जब समाजवादी पार्टी की सरकार थी तब रामपुर में उस समय मंत्री आजम खां द्वारा गरीबों व अनुसूचितों के घर उजाड़े जाते थे। उस वक्त कांग्रेस और बसपा मौन थी। तब केवल भारतीय जनता पार्टी आंदोलन कर रही थी। सत्ताधारी दल का एक मंत्री अराजकता पैदा करे , हमें यह स्वीकार नहीं था। सीएम योगी को सुनने के लिए सगड़ी विधानसभा स्थित जूनियर विद्यालय के मैदान में भारी संख्या में भीड़ उमड़ी।
इससे पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सोमवार दोपहर 12.50 पर सगड़ी स्थित जूनियर विद्यालय में पहुंचे। इस दौरान वन मंत्री दारा सिंह चौहान, एमएलसी यशवंत सिंह, जिलाध्यक्ष ध्रुव कुमार सिंह व सगड़ी विधायक वंदना सिंह समेत अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 1.30 बजे 73.14 करोड़ रुपये की लागत की कुल 32 परियोजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास किया। जिसमें 17 परियोजनाओं का लोकार्पण व 15 का शिलान्यास किया गया। इस दौरान विभिन्न परियोजनाओं से लाभान्वित लोगों को सम्मानित किया।