आजमगढ़। मेडिकल या इंजीनियरिंग की प्रवेश परीक्षा और प्रशासनिक सेवाओं की प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी के लिए अब दूसरे शहरों की दौड़ नहीं लगानी होगी। मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना के तहत अब जिले में ही इनकी कोचिंग हो पाएगी। डीएवी पीजी कालेज, डीएवी इंटर कालेज, जीजीआईसी व शिब्ली नेशनल इंटर कालेज में निशुल्क कोचिंग बसंत पंचमी से शुरू हो जाएगी।
युवाओं को कोचिंग के लिए दूसरे शहरों में जाना पड़ता था। अब मंडल मुख्यालयों पर अभ्युदय कोचिंग में ही इनकी मुफ्त तैयारी की जा सकती है। जिलाधिकारी राजेश कुमार व सीडीओ आनंद कुमार शुक्ला ने अभ्युदय कोचिंग संचालन के लिए शिब्ली नेशनल इंटर कालेज, डीएवी पीजी कालेज व इंटर कालेज एवं जीजीआईसी का निरीक्षण किया। सभी कालेजों दो-दो हॉल का चयन इसके लिए किया गया है। इन कॉलेजों ने कोचिंग खोलने के लिए सहमति पत्र दे दिया है। बसंत पंचमी 16 फरवरी से यूपीएससी, पीसीएस, जेईई, नीट, एनडीए, सीडीएस आदि की पढ़ाई शुरू की जाएगी। जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ वीके शर्मा ने बताया कि विद्यालयों की सहमति मिल गई है।
मेधावियों का होगा चयन, विशेषज्ञों को देंगे प्रशिक्षण
आजमगढ़। अभ्यर्थियों की आवश्यकता अनुसार एक पात्रता परीक्षा देनी होगी। परीक्षा में पास होने पर युवाओं का चयन होगा। अभ्यर्थियों का चयन मंडलायुक्त की अध्यक्षता में गठित समिति द्वारा किया जाएगा। छात्रों को मार्गदर्शन के लिए कक्षाओं में विषय विशेषज्ञों की सहायता भी उपलब्ध कराई जाएगी। इस के लिए मंडल स्तर पर स्थित विश्वविद्यालयों, विभिन्न विषयों के संस्थानों, महाविद्यालयों से वस्तु विषय विशेषज्ञों का पैनल बनाया जाएगा।
मंडलस्तर पर गठित होगी समिति
आजमगढ़। उप निदेशक समाज कल्याण अधिकारी सुरेश चंद पाल ने बताया कि विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के छात्रों की सहायता के लिए मंडल स्तर पर वर्चुअल एवं साक्षात कक्षाओं का आयोजन किया जाएगा। जिसके लिए संबंधित मंडलायुक्त की अध्यक्षता में एक समिति गठित होगी जो राज्य सरकार के अधिकारियों एवं अखिल भारतीय सेवाओं के अधिकारियों तथा एक पूर्ण कालिक शिक्षक, समन्वयक की सहायता से कक्षाओं का रोस्टर तैयार करेगी। समिति में मंडलायुक्त अध्यक्ष होंगे। वहीं जिलाधिकारी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, मुख्य विकास अधिकारी, प्रभागीय वनाधिकारी, संयुक्त निदेशक, माध्यमिक शिक्षा, क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी, प्राचार्य जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्था, कोर्स कोआर्डिनेटर, मंडलायुक्त द्वारा नामित सरकारी एवं गैर सरकारी व्यक्ति को सदस्य बनाया जाएगा। वहीं उप निदेशक समाज कल्याण को समन्वयक सदस्य व मंडलायुक्त द्वारा नामित नोडल अधिकारी को सदस्य सचिव बनाया जाएगा।