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Azamgarh: नर्सिंग होम में हंगामा तोड़ फोड़ , मरीज की मौत के बाद परिजनों ने काटा बवाल, अस्पताल पर लगाया आरोप

Sat, 26 Oct 2024 08:11 PM IST
नितीश कुमार पांडेय अमर उजाला नेटवर्क,आजमगढ़

सार

नर्सिंग होम में ईलाज के लिए आए मरीज की मौत के बाद परिजनों ने जमकर हंगामा किया। इस दौरान तोड़ फोड़ करने का वीडियो भी सामने आया है। आरोप है कि मरीज को सही ईलाज नहीं मिला। जिसके बाद ये आक्रोश सामने आया। घटना के बाद चिकित्सक सफाई दे रहे हैं और परिजन अस्पताल की अव्यवस्था को बता रहे हैं।
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नर्सिंग होम में हंगामे के बाद की तस्वीर - फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
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आजमगढ़ में ईलाज के दौरान शनिवार को एक नर्सिंग होम में मरीज की मौत के बाद एक बार फिर हंगामा मच गया। जिले में यह पहली घटना नहीं हुई है जब इस प्रकार का हंगामा हुआ हो। लगातार मरीज के परिजन और अस्पताल के स्टाफ के बीच विवाद के कई मामले सामने आ रहे हैं। सिधारी थाना क्षेत्र के सिधारी स्थित शारदा हॉस्पिटल में शनिवार की सुबह मरीज युवक की मौत के बाद उसके साथियों व परिजनों ने जमकर हंगामा मचाया।

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इस दौरान अस्पताल में जमकर तोड़फोड़ की गई और स्टाफ के साथ ही जूनियर डॉक्टरों की पिटाई की गई। अस्पताल में भगदड़ की स्थिति रही। सीनियर डॉक्टर, अन्य मरीज व उनके परिजन अस्पताल छोड़कर भाग खड़े हुए। सूचना के बाद पहुंची सिधारी थाना पुलिस से भी परिजन भिड़ गए। बड़ी मुश्किल से स्थिति को काबू किया गया। बता दें कि आजमगढ़ शहर कोतवाली क्षेत्र के एलवल मोहल्ले का निवासी 26 वर्षीय अमित गोंड डेंगू के लक्षण के साथ इस अस्पताल में भर्ती था।
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ब्लड प्रेशर काफी लो चला गया था। आईसीयू में उसका इलाज चल रहा था। सीनियर डॉक्टर विजिट पर नहीं थे। परिजनों का आरोप है कि यहां पर डॉक्टर की व्यवस्था नहीं है। लेकिन, आईसीयू संचालित हो रहा था। दूसरे अस्पताल के डॉक्टर यहां पर देखते हैं। हालत बिगड़ने पर सीनियर डॉक्टर नहीं आए। इससे मरीज की मौत हो गई। वहीं अस्पताल के प्रबंधक विजय कुमार पांडेय ने कहा कि यहां पर किसी प्रकार की कोई लापरवाही नहीं हुई है।

आईसीयू में भर्ती अन्य मरीज की तरह अमित भी भर्ती था। उसकी स्थिति नाजुक थी। लगातार उसका उपचार किया जा रहा था। सीनियर डॉक्टर, जूनियर डॉक्टर के लगातार संपर्क में थे। सुबह तक मरीज नॉर्मल था। सवा छह बजे के आसपास वह अपने पिता के साथ वॉशरूम भी गया था। लेकिन इसके बाद उसको सांस में काफी दिक्कत होने लगी। इसके बारे में उसके पिता को अवगत भी कराया गया था। लेकिन परिजन भड़क गए। सीनियर डॉक्टर भी बाहर आ गए थे।
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परिजनों का गुस्सा देखकर उनकी हिम्मत अंदर आने की नहीं हुई। इसके बाद मौके पर मरीज की मौत के बाद तोड़फोड़ शुरू हो गई। आईसीयू में तोड़फोड़ हुई। ऑफिस में तोड़फोड़ हुई। पुलिस से भी धक्का मुक्की हुई।

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