अभी वह जीत की खुशियां मनाते उससे पहले ही गुरुवार को वाराणसी के निजी अस्पताल में उनका निधन हो गया। वह अपने पीछे दो पुत्र पंकज व अंगद, दो पुत्री गुड्डी व सोनी को छोड़ गए हैं। पत्नी अनीता का रो रोकर बुरा हाल है। रामानंद यादव विगत कई बार इस ग्राम पंचायत से ग्राम प्रधान पद के लिए चुनाव लड़े थे। किसी बार उनको सफलता नहीं मिली थी। इस बार उनको सफलता मिली तो खुशी मनाने का मौका नहीं मिला।