सगड़ी। जीयनपुर कोतवाली क्षेत्र के अतरकक्षा बरडीहा गांव में सोशल आडिट के लिए बीडीओ व नोडल अधिकारी के नेतृत्व में जांच टीम पहुंची थी। ऑडिट के दौरान ही प्रधान पक्ष ने विपक्षियों पर हमला कर दिया। दोनों पक्षों में जमकर मारपीट हुई। यही नहीं ग्रामीणों ने जांच करने पहुंचे बीडीओ इरशाद अहमद, नोडल अधिकारी डॉ. बीके सिंह और वर अभियंता दधिबल को दौड़ा लिया। मारपीट में दोनों पक्षों से छह लोग घायल हुए हैं। अधिकारियों ने घटना के बाबत कोई तहरीर थाने पर नहीं दी है।
अतरकक्षा बरडीहा गांव में मनरेगा के तहत हुए कार्यों में घोटाले की शिकायत हुई थी। जिस पर जांच टीम गठित की गई थी। नोडल के रुप में नामित पशु चिकित्साधिकारी, अवर अभियंता व बीडीओ के साथ सोमवार को दिन में सोशल आडिट के लिए गांव में पहुंचे। अधिकारियों के समक्ष प्रधान के साथ ही शिकायत करने वाले जुटे थे। आरोप है कि जांच को प्रभावित करने के उद्देश्य से प्रधान पक्ष के लोग विपक्षियों से उलझ गए और कुछ ही देर में कहासुनी के बाद मारपीट होने लगी। दोनों पक्षों ने एक दूसरे पर लाठी-डंडा, ईंट पत्थर से हमला कर दिया। अधिकारियों के सामने ही मारपीट होती रही और वे चुप्पी साधे रहे। बाद में आक्रोशित ग्रामीणों ने तीनों अधिकारियों को भी दौड़ा लिया। वो भागकर अपनी गाड़ी तक पहुंचे और मौके से भाग खड़े हुए। मारपीट में 22 वर्षीय मोहसिन, 25 वर्षीय फरहान, 56 वर्षीय आलमगीर, प्रधान पक्ष से 65 वर्षीय नसीम, 32 वर्षीय अजमल व 32 वर्षीय राम बहादुर घायल हुए। सभी को पीएचसी अजमतगढ़ ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने नसीम, मोहसिन, फरहान व आलमगीर की हालत गंभीर देख जिला अस्पताल रेफर कर दिया। वहीं घटना के बाबत जीयनपुर कोतवाली में प्रधान पक्ष व विपक्ष के लोगों ने एक दूसरे के खिलाफ तहरीर दी है। वहीं घटना के दौरान जांच के लिए पहुंचे अधिकारियों की तरफ से अभी कोई तहरीर नहीं दी गई है।