आजमगढ़। शहर कोतवाली क्षेत्र में उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड लखनऊ की ओर से पुलिस आरक्षी भर्ती प्रक्रिया चल रही है। इस दौरान एक अभ्यर्थी को फर्जी दस्तावेज पेश करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया। आरोपी आशीष कुमार चौबे बलिया जिले के बांसडीह थाना क्षेत्र के छोडहर गांव का रहने वाला है।
पुलिस आरक्षी की भर्ती प्रक्रिया के दौरान 20वीं वाहनी पीएसी में इस समय दौड़ परीक्षा चल रही है। दौड़ परीक्षा में बलिया का आशीष कुमार चौबे भी शामिल हुआ। उसका रजिस्ट्रेशन नंबर 11243222, रोल नंबर 2608663 है। आशीष ने बायोमेट्रिक के दौरान फार्म में अपनी जन्मतिथि आठ जून 1995 और मार्कशीट में जन्मतिथि आठ जून 1998 अंकित की थी। जिसे देख यह बात पुष्ट हुई कि उसने जन्मतिथि में फर्जीवाड़ा किया है। पुलिस ने बताया कि आशीष कुमार चौबे को हिरासत में लेने के बाद आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है। वहीं, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हेमराज मीना ने कहा कि पुलिस भर्ती प्रक्रिया में फर्जी दस्तावेज पेश करने वाले अभ्यर्थियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
अबतक अलग-अलग परीक्षाओं में 9 आरोपी गिरफ्तार
पुलिस भर्ती : एक माह पूर्व भी फर्जी दस्तावेज लगाने वाला आरोपी पकड़ा गया था
आजमगढ़। पुलिस लाइन में आरक्षी सीधी भर्ती-2023 की डीवी (दस्तावेज सत्यापन) और पीएसटी (शारीरिक मानक परीक्षण) की प्रक्रिया के दौरान भी एक आरोपी को पुलिस ने पकड़ा था। इस प्रक्रिया में अभ्यर्थी भूपेंद्र सिंह का बायोमेट्रिक परीक्षण में फोटो मिसमैच हो रहा था। पूछताछ में पता चला कि उक्त आरोपी ने उम्र कम करने के लिए कूटरचित दस्तावेज तैयार कर अनुचित लाभ लेने का प्रयास किया गया था। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। उप्र. पुलिस में आरक्षी नागरिक पुलिस के पदों पर सीधी भर्ती-2023 की प्रक्रिया पुलिस लाइन में चल रही थी। संवाद
प्रतियोगी परीक्षा में दूसरे के स्थान पर परीक्षा देने वाला आरोपी भी हुआ था गिरफ्तार
शहर कोतवाली पुलिस ने सात जनवरी को आयोजित हुई प्रतियोगी परीक्षा में दूसरे स्थान पर परीक्षा देने वाले आरोपी को करतालपुर में डीह बाबा के स्थान से गिरफ्तार कर लिया था। पकड़ा गया आरोपी अश्वनी कुमार चौधरी मऊ जनपद के घोसी थाना क्षेत्र के सोनाडीह अमिला गांव का निवासी था। वह पांच जनवरी को द्वितीय पाली में परीक्षा देने पहुंचा था। जिसे वहां तैनात परीक्षक ने आधार वेरिफिकेशन प्रक्रिया के दौरान पकड़ लिया था। इसे लेकर कोतवाली में केंद्राध्यक्ष ने मुकदमा भी पंजीकृत कराया था।
साल्वर गैंग के सात लोग भी हुए थे गिरफ्तार
जिले में चार व पांच जनवरी को उत्तर प्रदेश सिविल कोर्ट स्टाफ केंद्रीयकृत भर्ती-2024-25 की परीक्षा हुई थी। इसमें दूसरे के स्थान पर परीक्षा देते हुए दो विद्यालयों में फर्जी अभ्यर्थी पकड़े गए थे। उनसे पूछताछत हुई तो एक बड़े साल्वर गैंग का पर्दाफाश हुआ था। पुलिस ने इस मामले में सात लोगों की गिरफ्तारी भी की थी। गिरफ्तार आरोपितों से एक अर्टिका कार, छह मोबाइल फोन, एक कूटरचित आधार कार्ड, तीन एडमिट कार्ड व एक प्रश्न पुस्तिका बरामद की गई थी। सभी आरोपित बिहार व गाजीपुर जिले के हैं। गिरोह परीक्षार्थी से दो से 10 लाख रुपये लेता था।