25 वर्षीय मृतक शुगनू शराब पीने का आदी था। जिस समय उसकी हत्या हुई उस समय भी वह शराब पीए हुए था। इसी कारण नमो राजभर के प्राणघातक हमले से स्वयं को बचा नहीं पाया। नमो राजभर ने बताया की चूंकि वह अकेले था इस कारण लाश को दूर कहीं ले जाकर ठिकाने नहीं लगा पाया। शव को तालाब के किनारे पानी में और डंडे को पानी में फेंक दिया।
निर्दोष निकले नमाजद आरोपी
शुगनू राजभर के भाई विवेक राजभर की तहरीर पर जिन चार लोगों के विरुद्ध हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया था वो निर्दोष निकले। प्रभारी निरीक्षक निहार नंदन कुमार ने बताया कि मुकदमा रंजिश पर आधारित था। जिन लोगों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराया गया था, उसी परिवार की एक लड़की से छेड़छाड़ करने के आरोप में शुगनू के विरुद्ध 2019 में पॉस्को एक्ट के तहत मुकदमा किया गया था। उसकी गिरफ्तारी भी हुई थी। परिजनों का मानना था कि इन्ही चारों ने हत्या की होगी।