पूछताछ में उसने बताया कि वह अपने साथी भावेश से मिलने जेल में जा रहा था। उसने अपना नाम रंजन मलिक निवासी नुवांगा, जिला गंजम (ओडिशा) बताया। वह भी भावेश के साथ गुजरात में लूट व हत्या में शामिल था। वहां से वह भावेश के साथ आजमगढ़ आ गया था और निजामाबाद क्षेत्र में अपने मित्र के यहां शरण लिए था।