आजमगढ़ में जहरीली शराब से 12 ज्यादा लोगों की हुई थी मौत
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आजमगढ़ जिले के माहुल जहरीली शराब कांड में एक और सरकारी देसी शराब की दुकान को निलंबित कर दिया गया है। इसके साथ ही दुकान को नोटिस जारी की गई है। सही जवाब न मिलने पर इस दुकान को भी निरस्त किया जा सकता है।
अब तक जहरीली शराब कांड में कुल 10 दुकानें निरस्त की जा चुकी हैं तो वहीं दर्जनर भर आरोपियों पर गैंगस्टर एक्ट लगाया है। इसके साथ ही आबकारी विभाग के पांच जिम्मेदारों पर कार्रवाई हुई है। मामले में तत्कालीन एसओ व चौकी प्रभारी पर भी गाज गिरी है।
विधायक रमाकांत यादव के भांजे समेत कई हुए गिरफ्तार
अहरौला थाना अंतर्गत आने वाले नगर पंचायत माहुल में हुई जहरीली शराब कांड में दर्जन भर से अधिक लोगों की मौत हुई थी। हालांकि सरकारी रिकॉर्ड में जहरीली शराब से मौत का आंकड़ा आठ पर ही सिमट गया। फूलपुर-पवई विधानसभा से विधायक रमाकांत यादव के भांजे रंगेश यादव समेत दर्जन भर लोगों की गिरफ्तार हुई तो अभी हाल में ही पुलिस महकमे ने माहुल जहरीली शराब कांड में 12 आरोपियों पर गैंगस्टर भी लगा दिया।
गुरुवार को निलंबित की गई सरकारी देशी शराब की दुकान दीदारगंज थाना क्षेत्र में है। इसका अनुज्ञापी पंकज यादव पुत्र दयाराम यादव है। इस दुकान को निलंबित करने के साथ ही नोटिस जारी कर दी गई है।
शराब कांड में इन पर लगा है गैंगस्टर
माहुल जहरीली शराब कांड में जिन पर गैंगेस्टर लगाया गया है। उसमें रंगेश यादव, सूर्यभान, पुनीत कुमार यादव, रामभोज, अशोक यादव, पंकज यादव, मो. फहीम, मो. नदीम, मो. कलीम व मो. नईम, मो. सलीम, शहबाज शामिल है। वहीं आबकारी विभाग के उप आबकारी आयुक्त लाल बहादुर मिश्रा, आबाकरी निरीक्षक नीरज सिंह, आरक्षी सुमन कुमार पांडेय व राजेंद्र प्रताप सिंह निलंबित किए गए है। एसपी अनुराग आर्य ने तत्कालीन एसओ अहरौला संजय कुमार सिंह को भी इस घटना में निलंबित कर दिया था।