आजमगढ़ उपचुनाव में सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव का चुनाव प्रचार में न आना भी हार का कारण बना। क्योंकि अखिलेश के चुनाव प्रचार में न आने को विपक्षी दल मुद्दा बनाते रहे। अगर, अखिलेश चुनाव प्रचार में आते तो मुस्लिम वोटों में बिखराव नहीं होता।
मतगणना के दौरा सपा, बसपा और भाजपा उम्मीदवारों में कांटे की टक्कर देखने को मिली। बसपा उम्मीदवार शाह आजम गुड्डू जमाली किसी भी राउंड में आगे नहीं निकले लेकिन उन्होंने पीछा भी नहीं छोड़ा। उनकी इस कांटे की टक्कर ने सपा को सबसे ज्यादा नुकसान और भाजपा को फायदा पहुंचाया।
पचुनाव में आजमगढ़ सीट पर विकास की उम्मीद में कमल खिला है। पीएम और सीएम के नेतृत्व वाली डबल इंजन की सरकार की योजनाओं का लाभ यहां के भी लोगों को मिले। इसके लिए यहां की जनता ने कमल के निशान पर उन्हें अपना सांसद बनाया है। उक्त बातें नवनिर्वाचित सांसद दिनेशलाल यादव निरहुआ ने जीत का प्रमाणपत्र पाने के बाद मीडिया से रूबरू होते हुए कही।
उन्होंने कहा कि आजमगढ़ के लिए जो लोग मुझे बाहरी कहते हैं, उन्हें मैं बताना चाहता हूं कि आजमगढ़ में मेरा बचपन बीता है। मेरी मौसी, बुआ व बहन आजमगढ़ में है। ऐसे में मैं बाहरी कैसे हूं। जिन लोगों ने मुझे बाहरी कहा उनके मुंह पर यहां की जनता से करारा तमाचा मारा है। अब तो मैं यहां का सांसद हो गया हू और अब यहीं का हो कर रहूंगा।
डबल इंजन की सरकार के विकास कार्यों को लेकर जिस उम्मीद से आजमगढ़ की जनता ने मुझे संसद में प्रतिनिधित्व का मौका दिया है। उस पर खरा उतरने का पूरा प्रयास करूंगा। जिले के विकास के लिए अब वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पास जाएंगे और जो बन पड़ेगा वह यहां के विकास के लिए करेंगे।
एक प्रश्न के जवाब में उन्होंने कहा कि निश्चित तौर अब उनका निवास आजमगढ़ में होगा। नवनिर्वाचित सांसद ने कहा कि सपा के लोग कहते थे कि यहां नचनियों की जरूरत नहीं है और यहां की जनता ने इसी नचनियां को अपना सांसद चुनकर उनके मुंह पर करारा तमाचा मार दिया है।
उपचुनाव में तीन प्रत्याशियों को छोड़कर शेष प्रत्याशी अपनी जमानत नहीं बचा सके। सपा, बसपा और भाजपा प्रत्याशियों को छोड़कर अन्य प्रत्याशियों को जमानत बचाने के लिए कुल मतदान का छठवां हिस्सा भी नहीं मिल सका। चुनाव में कुल 13 प्रत्याशी मैदान में थे।
प्रत्याशियों केे मिले मतों का विवरण
| प्रत्याशी |
मिले मत |
| दिनेश लाल यादव |
312768 |
| धर्मेंद्र यादव |
304089 |
| शाह आलम |
266210 |
| अमरावती |
1743 |
| जयनाथ चौहान |
1952 |
| धीरज श्रीवास्तव |
2935 |
| रविंद्रनाथ शर्मा |
2597 |
| सरवर अली |
1519 |
| अंबरीष कुमार विजयता |
1515 |
| पंकज कुमार यादव |
1249 |
| रमाकांत यादव |
2535 |
| राजीव तलवार |
2549 |
| वीरेंद्र कुमार निषाद |
2377 |