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लेखपालों की हड़ताल से 14800 प्रमाण पत्र अधर में

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आजमगढ़। आठ सूत्रीय मांगों को लेकर उप्र लेखपाल संघ से जुड़े जनपद के लेखपाल कार्य बहिष्कार कर हड़ताल पर है। जिसके कारण तहसीलों में आय, जाति, निवास और हैसियत के 14800 आवेदन लंबित हैं। जिसमें जाति के 2647, निवास के 7422, आय के 4426 और हैसियत के 305 आवेदन शामिल हैं। उप्र लेखपाल संघ के प्रदेश व्यापी आह्वान पर 10 दिसंबर से जनपद के लेखपाल कार्य बहिष्कार कर हड़ताल पर हैं। उनके द्वारा पहले तहसील मुख्यालयों पर आठ सूत्रीय मांगों को लेकर धरना प्रदर्शन किया गया। अब 13 दिसंबर से जिला मुख्यालय पर अनवरत धरना प्रदर्शन किया जा रहा है। जिले के 799 लेखपालों में से 758 लेखपाल हड़ताल में शामिल है। शासन द्वारा हड़ताली लेखपालों पर कार्रवाई का निर्देश मिलने के बाद जिले में भी कार्रवाईयां की गई हैं। जिसके तहत अब 767 लेखपालों को ब्रेक इन सर्विस का नोटिस जारी किया गया है। जबकि 233 लेखपालों की ब्रेक इन सर्विस कर दी गई है। चार तहसीलों में 20 लेखपालों को जिला प्रशासन की ओर से निलंबित कर दिया गया है। वहीं इस हड़ताल से जनपद के 41 लेखपालों ने खुद को विरत रखा है। लेखपालों की हड़ताल के कारण आम जनमानस के आय, जाति, निवास, हैसियत आदि के कार्य प्रभावित हो रहे हैं। जिसके कारण उन्हें प्रतिदिन तहसीलों का चक्कर काटना पड़ रहा है। लेखपाल संघ के जिलाध्यक्ष हरिद्वार सिंह का कहना है कि जब तक हमारी मांगे पूरी नही हो जाती हैं तब तक हमारी यह हड़ताल जारी रहेगी।
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इन लेखपालों और पदाधिकारियों का हो चुका है निलंबन
आजमगढ़। शासन के निर्देश पर जिला प्रशासन द्वारा की जा रही कार्रवाई में अब तक तहसीलों के पदाधिकारियों सहित 20 लेखपाल निलंबित हो चुके हैं। पदाधिकारियों में लालगंज अध्यक्ष अशोक कुमार यादव, मंत्री सौरभ कुुमार उपाध्याय, सगड़ी अध्यक्ष उत्तम कुमार, मंत्री अरूण कुमार गुप्ता, फूलपुर अध्यक्ष शकील अहमद, मंत्री शिवशंकर सिंह, अध्यक्ष मेंहनगर राधेश्याम यादव, मंत्री सुरजीत कुमार, उपाध्यक्ष दिलीप कुमार और कोषाध्यक्ष कृष्ण चंद्र शामिल हैं। लेखपालों में मिथिलेश मौर्य, पंकज कुमार, सुनील कुमार, कृष्ण कुमार मौर्य, फहीम अहमद, विनोद यादव, शिवप्रसाद सिंह, विकास मिश्रा, कोदई यादव और अशोक सिंह शामिल हैं।
सबसे ज्यादा निवास प्रमाण पत्र के आवेदन लंबित
आजमगढ़। लेखपालों की हड़ताल के कारण जनपद में आय, जाति, निवास, हैसियत के 14800 मामले लंबित हैं। लेकिन अगर इन पर नजर डालें तो सबसे अधिक आवेदन निवास प्रमाण पत्र के लंबित हैं। जाति प्रमाण पत्र के बूढ़नपुर में 49ड3, सगड़ी में 698, सदर में 537, निजामाबाद में 227, फूलपुर में 192, लालगंज में 146, मेंहनगर में 162 और मार्टीनगंज में 192 आवेदन लंबित हैं। निवास प्रमाण पत्र के बूढ़नपुर में 886, सगड़ी में 1812, सदर में 1484, निजामाबाद में 879, फूलपुर में 745, लालगंज में 479, मेंहनगर में 430 और मार्टीनगंज में 707 आवेदन लंबित हैं। आय प्रमाण पत्र के बूढ़नपुर में 798, सगड़ी में 1029, सदर में 907, निजामाबाद में 354, फूलपुर में 290, लालगंज में 335, मेंहनगर में 301 और मार्टीनगंज में 412 आवेदन लंबित हैं। इसके अलावा हैसियत प्रमाण पत्र के भी विभिन्न तहसीलों में 305 आवेदन लंबित हैं।
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पूर्व में ही पूरी हो चुकी हैं अधिकांश मांगे, हड़ताल उचित नहीं
आजमगढ़। मंडलायुक्त कनक त्रिपाठी ने कहा कि प्रांतीय लेखपाल संघ के आहवान पर आठ सूत्रीय मांगों को लेकर मंडल के तीनों जनपदों में लेखपालों की हड़ताल चल रही है। जबकि गत दो वर्षों के दौरान लेखपालों को उपलब्ध कराई गयी सुविधाओं नजर डालें तो प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत सभी लेखपालों को स्मार्ट फोन, ई.डिस्ट्रिक्ट योजना के तहत लैपटाप उपलब्ध कराए गए हैं। जन सुविधा केंदों द्वारा दी जा रही शासकीय सुविधाओं में आय, जातिए निवास प्रमाण पत्रों के आवेदन पत्रों की प्रिन्टिंग पर होने वाले व्यय की आपूर्ति के लिए प्रति आवेदन लेखपाल को पांच रुपये के भुगतान का निर्देश भी राजस्व परिषद द्वारा दिया गया है। इसके अलावा लेखपालों को आधारभूत सुविधायें जैसे फर्नीचर, शौचालय, बैठने की व्यवस्था आदि अनुमन्य किए जाने के लिए प्रति तहसील एक लाख रुपये प्रयोक्ता प्रभार से खर्च किए जाने की सुविधा भी दी गयी है। राजस्व परिषद द्वारा लेखपालों को शीघ्र प्रोन्नति के लिए राजस्व निरीक्षकों के 1409 अतिरिक्त पदों के सृजन का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। लेखपालों की प्रोन्नति के लिए वर्ष 2015ड व 2016 में कुशल 1808 राजस्व निरीक्षकों के अतिरिक्त पद सृजित करने के साथ ही चयन वर्ष 2016-17 एवं 2017-18 की रिक्तियों के सापेक्ष 2521 कार्मिकों को राजस्व निरीक्षक के पद पर प्रोन्नति भी की गयी है।इसके अलावा अन्य कई सुविधाएं प्रदान की गई हैं। जिससे स्पष्ट है कि लेखपालों की अधिकांश मांगे पहले मानी जा चुकी हैं। इसलिए लेखपालों का हड़ताल पर जाना उचित नहीं। उन्होंने परिस्थितियों को देखते लेखपालों से कार्य पर लौट आने का आहवान किया।
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