दिल्ली के साकेत कोर्ट द्वारा 15 मार्च 2021 को उसे फांसी की सजा सुनाई गई। इस सजा पर आरिज के घर वालों ने पूरी तरह से चुप्पी साध रखी थी। आरिज के पिता की मौत हो चुकी है तो वहीं एक भाई चाचा डॉ. फखरे आलम के के नसीरपुर स्थित क्लीनिक पर काम करता है। वहीं दूसरा भाई दिल्ली में ही है।
आरिज का जिला मुख्यालय पर जालंधरी मोहल्ले में भी एक मकान है। जहां उसकी मां रहती है। आरिज द्वारा साकेत कोर्ट के फैसले के खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट में अपील किए जाने के बाद जिले में एक बार फिर चर्चाओं का बाजार गर्म नजर आया। यह अलग बात रही कि परिवार के लोग इस मुद्दे पर भी कुछ भी बोलने से इंकार करते नजर आए।