आजमगढ़। आजमगढ़ विकास प्राधिकरण बिना सेटबैक छोड़ कर भवनों का निर्माण कराने वालों को नोटिस भी जारी करता है और सील भी। दूसरी तरफ कंपाउंड जमा कराके तमाम निर्माण को वैध घोषित कर दिया जा रहा है। तीन मंजिल का मानचित्र को स्वीकृत कराने वाले कंपाउंडिंग की आड़ में पांच-पांच मंजिल तान दे रहे हैं।
विकास प्राधिकरण बिना सेटबैक छोड़े निर्माण कराने वालों को नोटिस जारी कर रहा और निर्माणाधीन भवनों को सील कर रहा है। कुछ लोग ऐसे लोग हैं जो पहले निर्माण करा लेते हैं और बाद में कंपाउंडिंग के साथ मानचित्र स्वीकृत कराते हैं। कुछ लोग तीन मंजिला भवन निर्माण का मानचित्र स्वीकृत कराकर कंपाउंडिंग शुल्क जमा करने के बाद चार से पांच मंजिला भवन तैयार कर ले रहे हैं। नगर कोतवाली के सामने ऐसे ही बिना मानचित्र स्वीकृत कराए हो रहे निर्माण को पहले तो एडीए ने सील किया। बाद में कंपाउंडिंग जमाकर निर्माण की इजाजत दे दी। बिना सेटबैक छोड़े इन लोगों द्वारा पांच मंजिला बिल्डिंग खड़ी कर ली गई। एडीए सचिव बैजनाथ ने बताया कि आवासीय भवन का मानचित्र तीन मंजिला ही स्वीकृत किया जा रहा है। व्यावसायिक भवन 17 मंजिला तक बनाए जा सकते हैं। लेकिन यह जमीन की स्थिति पर निर्भर करता है कि यह किस क्षेत्र में निर्मित हो रहा है। अगर कोई इनका पालन नहीं करता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाती है।
सेटबैक छोड़ने के नियम
आजमगढ़। विभाग की मानें तो अगर कोई निर्मित एरिया में 100 वर्ग मीटर में निर्माण कराता है तो उसे आगे की ओर से एक मीटर 20 सेमी खुला छोड़ना होगा। निर्माण के दौरान वह 100 वर्ग मीटर का 70 प्रतिशत क्षेत्रफल पर ही निर्माण करा सकता है। अगर कोई 200 वर्ग मीटर में निर्माण कराता है तो वह 75 प्रतिशत में ही निर्माण करा पाएगा। उसे 25 प्रतिशत एरिया को खुला छोड़ना होगा। अगर कोई तीन मंजिला भवन का निर्माण कराता है तो उसे 10 फीट आगे और 10 फीट पीछे खुला छोड़ना होगा। इसके अलावा डेढ़ मीटर खुली जगह उसे बगल में भी छोड़नी होगी। इसके साथ ही वह कुल भूभाग का 60 प्रतिशत क्षेत्रफल में ही निर्माण हो पाएगा।