आजमगढ़। गंभीरपुर थाना क्षेत्र के रोहुवां मुस्तफाबाद गांव निवासी राजाराम ने सिलिंडर में लीकेज की समस्या बताते हुए एजेंसी से शिकायत की थी। इसके बावजूद सिलिंड वापस नहीं लिया गया। रात में गैस सिलिंडर विस्फोट होने से घर और ट्रैक्टर जल गया। ये शिकायत लेकर पीड़ित ने न्यायालय की शरण ली। न्यायिक मजिस्ट्रेट कोर्ट नंबर 24 रविकांत ने मामले को गंभीरता से लेते हुए गंभीरपुर पुलिस को प्राथमिकी दर्ज कर विवेचना करने का आदेश दिया है। राजाराम ने बताया कि उनकी पत्नी के नाम पर उज्ज्वला योजना के तहत गैस कनेक्शन है। 6 जनवरी 2026 को गैस सिलिंडर की बुकिंग की गई थी। उसी दिन शाम करीब तीन बजे गोमाडीह स्थित एक गैस एजेंसी से सिलिंडर की डिलीवरी ली गई और 932.50 रुपये का भुगतान किया गया। डिलीवरी के समय सिलिंडर में लीकेज और वजन को लेकर संदेह जताया गया था, लेकिन एजेंसी कर्मचारियों व मालिक ने इसे सामान्य बताते हुए बदलने से इन्कार कर दिया। उन्होंने बताया कि रात में करीब 10 बजे रसोई में रखा सिलिंडर अचानक फट गया। विस्फोट से मकान की दीवार गिर गई और छत पर रखी 12 सीमेंट चादर व 10 टीन शेड क्षतिग्रस्त हो गए। घरेलू सामान, बर्तन और चूल्हा जलकर नष्ट हो गए। पास खड़ा ट्रैक्टर भी आग की चपेट में आकर पूरी तरह जल गया। पीड़ित ने कुल नुकसान लगभग 3.50 लाख रुपये बताया है। जले ट्रैक्टर पर 4,17,345 रुपये का ऋण टीवीएस क्रेडिट सर्विस लिमिटेड, वाराणसी शाखा से लिया गया था, जिसकी 19,968 रुपये मासिक ईएमआई चल रही है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को रजिस्ट्री के माध्यम से सूचना देने के बावजूद कार्रवाई न होने पर पीड़ित ने न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। इस पर न्यायिक मजिस्ट्रेट कोर्ट नंबर 24 ने थाना गंभीरपुर प्रभारी निरीक्षक को सुसंगत धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर विवेचना करने का आदेश दिया है। थाना प्रभारी अखिलेश सिंह ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर प्राथमिकी दर्ज कर विवेचना की जा रही है। जो तथ्य सामने आएंगे उसके अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
पीड़ित ने एजेंसी मालिक पर धमकी देने का लगाया आरोप-राजाराम ने यह भी आरोप लगाया कि घटना की सूचना देने पर एजेंसी मालिक मौके पर पहुंचे और क्षतिपूर्ति का आश्वासन दिया, लेकिन बाद में 3-4 लोगों के साथ आकर फटा सिलिंडर जबरन उठा ले गए। विरोध करने पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी गई। पीड़ित का दावा है कि पूरी घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद है।
जमीन के विवाद में मारपीट के मामले में कोर्ट के आदेश में प्राथमिकी दर्ज-आजमगढ़। जमीन के विवाद में मारपीट के मामले में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सत्यवीर सिंह की अदालत में कोतवाली पुलिस को प्राथमिकी दर्ज कर विवेचना करने का आदेश दिया है। शहर कोतवाली क्षेत्र के बलरामपुर गांव निवासी शिवमूरत प्रजापति ने आरोप लगाया है कि 16 नवंबर 2025 की दोपहर बाद 3 बजे उनके घर पर लाठी-डंडों से लैस होकर रवि प्रजापति, हरखू प्रजापति, प्रमिला, कविता समेत कुछ अज्ञात लोग पहुंचे और गाली-गलौज करते हुए ईंट-पत्थर फेंकना शुरू कर दिया। विरोध करने पर आरोपी घर में घुस आए और उनकी पत्नी चंपा देवी, बेटे आशीष समेत परिजनों को बुरी तरह पीटा। उन्होंने इसकी शिकायत जब पुलिस से की तो उन्होंने कोई कार्रवाई नहीं की। तब उन्होंने कोर्ट की शरण ली। कोतवाल यादवेंद्र पांडेय ने बताया कि कोर्ट के आदेश में आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। विवेचना जारी है, जो तथ्य सामने आएंगे उसके अनुसार कार्रवाई की जाएगी।