आज़मगढ़। कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों में हुई भर्ती प्रक्रिया पर भ्रष्टाचार के आरोप लगने के बाद मामला मुख्यमंत्री कार्यालय तक पहुंच गया है। लोक शिकायत अनुभाग-1, मुख्यमंत्री कार्यालय लखनऊ को भेजी गई शिकायत पर शासन ने संज्ञान लेते हुए सहायक शिक्षा निदेशक बेसिक को जांच सौंपी है। सहायक शिक्षा निदेशक ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी से तीन दिन के भीतर साक्ष्य युक्त रिपोर्ट मांगी है। आरोप लगा है कि बीएसए ने समिति की स्वीकृति के बिना स्वयं चयन सूची तैयार की। परिणाम जारी किए बिना अभ्यर्थियों से अवैध वसूली की।
शिकायत कर्ता नव जागृति सेवा संस्थान ने आरोप लगाया गया है कि कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों में 2025 में हुई भर्ती प्रक्रिया में भ्रष्टाचार, रिश्वतखोरी और पद का दुरुपयोग किया गया है। बीएसए राजीव पाठक के कार्यकाल में रसोइया, चपरासी और चौकीदार के कुल 30 पदों पर जनवरी 2025 में निकाली गई भर्ती में अनियमितताएं की गईं।
03 जुलाई 2025 को हरिऔंध कला केंद्र में हुए साक्षात्कार के दौरान चयन समिति के प्रमुख सदस्य मुख्य विकास अधिकारी, जिला विद्यालय निरीक्षक और प्राचार्य, डायट अनुपस्थित थे। इस कारण बीएसए ने पूरे चयन पर नियंत्रण कर लिया। बीएसए ने समिति की स्वीकृति के बिना स्वयं चयन सूची तैयार की। परिणाम जारी किए बिना अभ्यर्थियों से 50,000 से 1,50,000 रुपये तक की वसूली की।
चयन सूची जुलाई 2025 में तैयार हो जाने के बावजूद अब तक प्रकाशित नहीं की गई, जबकि रिश्वत के माध्यम से चयनित अभ्यर्थियों को सूचना दी जा रही थी। संस्था ने यह भी आरोप लगाया है कि बार-बार साक्ष्य, शपथपत्र और अभ्यावेदन देने के बावजूद न तो विभागीय जांच हुई, न विजिलेंस या सतर्कता जांच और न ही भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज की गई। इससे उच्चस्तरीय मिलीभगत की आशंका जताई गई है। संस्था ने शासन से मांग की है कि इस पूरे प्रकरण की मंडलीय या शासन स्तर से उच्च स्तरीय जांच कराई जाए।
मांग की कि बीएसए राजीव पाठक सहित संबंधित कर्मचारियों पर निलंबन और विभागीय कार्रवाई की जाए।
03 जुलाई 2025 के साक्षात्कार दिवस के सीसीटीवी फुटेज, उपस्थिति पत्रक और चयन फाइलों को सुरक्षित और सील किया जाए। भर्ती प्रक्रिया को निरस्त कर पारदर्शी फिर चयन प्रक्रिया कराई जाए। जांच पूरी होने तक बीएसए राजीव पाठक को पद से हटाया जाए ताकि साक्ष्यों से छेड़छाड़ न हो सके। सहायक शिक्षा निदेशक बेसिक ने बीएसए को तीन दिन में साक्ष्य सहित आख्या प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है।
सहायक शिक्षा निदेशक बेसिक ने बीएसए से पूछे ये सवाल
- क्या चयन सूची प्रमुख अधिकारियों की अनुपस्थिति में तैयार की गई?
- क्या नियुक्ति का परिणाम अब तक जारी नहीं हुआ?
- परिणाम जारी करने में देरी होने के क्या कारण हैं?
एक शिकायत हुई थी जिस पर हमारी ओर से बीएसए से तीन दिन में साक्ष्य सहित रिपोर्ट मांगी गई है। रिपोर्ट आने के बाद इस पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। - मनोज मिश्रा, एडी बेसिक।
अभी नियुक्ति हुई नहीं है। साक्ष्य सहित रिपोर्ट मांगे जाने की मुझे जानकारी नहीं है।
- राजीव पाठक, बीएसए