सिधारी घाट पर छाठ पूजा के लिए वेदी बनाते श्रद्घालु।
- फोटो : AZAMGARH
आजमगढ़। दीपावली के बाद अब लोग छठ पूजा की तैयारियों में जुट गए हैं। नदियों, ताल-पोखरा के किनारे वेदियां बननी भी शुरू हो गई हैं। मंगलवार को वेदी बनाने के लिए व्रत रखने वाली महिलाओं के साथ ही परिवार के लोग घाटों पर नजर आए।
छठ महापर्व दीपावली के छह दिन बाद पड़ता है लेकिन श्रद्धालुओं ने इसकी तैयारियां शुरू कर दी हैं। इस बार भी चार दिवसीय सूर्य उपासना के पर्व छठ की शुरूआत गुरुवार को नहाय खाय से होगी। शुक्रवार को खरना होगा और शनिवार को अस्ताचलगामी सूर्य की आराधना के लिए व्रती महिलाएं घाटों पर पहुंच कर डूबते हुए सूर्य केे अर्घ्य देंगी। वहीं रविवार की सुबह उगते सूर्य को अर्घ्य देने के साथ ही इस महाव्रत का महिलाएं पारण करेंगी। इस महापर्व को लेकर ताल, पोखरों के साथ ही नदियों के तटों पर साफ-सफाई का कार्य जोरशोर से चल रहा है। इसके साथ ही छठ व्रत रखने वाली महिलाएं व उनके परिवार के लाग घाटों पर पहुंच कर पूजन के लिए वेदी बनाने में जुटे हुए। लोग छठ मईया की पूजा के लिए अपना स्थान घाटों पर पहले से ही रिजर्व करने में जुटे हुए हैं। वहीं नगर क्षेत्र में घाटों पर सफाई का कार्य नपा प्रशासन ने अभी शुरू नहीं कराया है। इस बार बरसात में तमसा नदी में उफान आया था, अब पानी तो घट चुका है लेकिन नदी के किनारों पर काफी गंदगी है। नपा प्रशासन घाटों की साफ-सफाई जब करे तब करें। घाटों की पूजा समितियां अपने स्तर से साफ-सफाई का कार्य चला रहे हैं।
सिधारी घाट पर छाठ पूजा के लिए वेदी बनाते श्रद्घालु।- फोटो : AZAMGARH