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बार कौंसिल के आह्वान पर अधिवक्ताओं ने किया कोर्ट का बहिष्कार

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जिला मुख्यालय पर अपनी मांगो को ले कर प्रदर्शन करते अधिवक्ता। - फोटो : AZAMGARH
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आजमगढ़। दिल्ली के 30 हजारी कोर्ट में अधिवक्ताओं पर हुए लाठीचार्ज के मामले को लेकर अधिवक्ताओं का गुस्सा कम होने का नाम नहीं ले रहा है। शुक्रवार को जनपद के सभी एसोसिएशन के अधिवक्ताओं ने कोर्ट का बहिष्कार किया। वहीं सेंट्रल बार एसोसिएशन ने मंडलायुक्त के माध्यम से राज्य विधिज्ञ परिषद को ज्ञापन सौंपा।
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अधिवक्ताओं ने कहा कि अधिवक्ता को न्यायालय अधिकारी की संज्ञा दी गई है। जिससे आज वह अत्यधिक आहत और दुखी है। वर्तमान राजनैतिक शासन में हमारे संज्ञान में लगभग 34 अधिवक्ताओं की हत्याएं हुई हैं। 1458 अधिवक्ताओं पर प्राणघातक हमला हुआ है। न्यायालय परिसर में गोलियां चलाई गई और न्यायालय परिसर में ही पुलिस बल और पुलिस अधिकारी द्वारा अधिवक्ताओं पर प्राणघातक हमला किया गया। जिसके कारण हम विवश होकर हम लोग आज सड़क पर उतरने को विवश हुए हैं। शुक्रवार को दी डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन, दीवानी न्यायालय अभिभाषक संघ और सेंट्रल बार एसोसिएशन के अधिवक्ताओं ने बार कौंसिल के आह्वान पर सभी कोर्ट का बहिष्कार कर दिया। सेंट्रल बार एसोसिएशन के अधिवक्ताओं ने इस मामले में मंडलायुक्त के माध्यम से राज्य विधिज्ञ परिषद उप्र को ज्ञापन सौंपा। मार्टीनगंज प्रतिनिधि के अनुसार बार अध्यक्ष पारसनाथ सिंह एडवोकेट के नेतृत्व में तहसील परिसर में बैठक की गई। जिसमें तीसहजारी कोर्ट में हुई घटना के दोसियों को जब तक सजा नहीं मिलेगी तब तक कोर्ट का बहिष्कार करने का निर्णय लिया गया। इस मौके पर राशिद शेख, अशोक कुमार, उमेश सिंह, प्रेम चंद, दिनेश कुमार सिंह, विजय तिवारी आदि उपस्थित थे। मेंहनगर प्रतिनिधि के अनुसार अधिवक्ताओं ने तीस हजारी कोर्ट में पुलिस के लाठीचार्ज पर घायल अधिवक्ताओं को मुआवजा सहित सात सूत्रीय मांगों के समर्थन में ज्ञापन सौंपा और प्रर्दशन किया।इस मौके पर अधिवक्ता अनिल कुमार वर्मा, अशोक यादव, विनोद सिंह, राजेश रमण सिंह, पवन सिंह, रामनिवास यादव आदि उपस्थित रहे।

कमिश्नरी कार्यालय परिसर में प्रदर्शन करते सेंट्रल बार एसोसिएशन के कार्यकर्ता।- फोटो : AZAMGARH

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