आरोप है कि जिला समाज कल्याण विकास अधिकारी व बाबू रमेश द्वारा विद्यालय पर दबाव बनाकर एक साल पूर्व अपनी बहू अनीता कुमार की युक्ति करा दी गई थी। एरियर के रूप में 864447 रुपये का भुगतान करा लिया गया। वहीं 350 छात्रों के लिए उपलब्ध संसाधन व क्षमता से अधिक छात्र-छात्राओं का पंजीयन दिखाकर नियुक्ति की गई।
रमाकांत मिश्र सदस्य प्रदेश परिषद भाजपा की शिकायत मिलने पर जब मुख्य विकास अधिकारी आनंद कुमार शुक्ला ने जांच शुरू की तो जिला समाज कल्याण विकास अधिकारी विनोद कुमार सिंह द्वारा सभी अभिलेख उपलब्ध नहीं कराए गए।
वहीं कई फर्जी अभिलेख भी मिले। इसी प्रकार जिला प्रोबेशन अधिकारी बीएल यादव जो बिहार के बक्शर के जवही दियर के रहने वाले हैं, उनके गांव के ही राम जी ने शिकायत दर्ज कराई की उन्होंने गलत तरीके से अपने भाई के पुत्र विकास कुमार की अपने ही कार्यालय में कंप्यूटर ऑपरेटर के पद पर नियुक्ति करा दी।
मामला संज्ञान में आते ही सीडीओ ने जांच शुरू कर दी । पता चला कि उप मुख्य परिवीक्षा अधिकारी ओमकार नाथ यादव व जिला प्रोबेशन अधिकारी बीएल यादव ने सात संविदा कर्मचारियों की गलत तरीके से नियुक्ति की है। बीएल यादव ने अपने भतीजे की नियुक्ति की है। वहीं उप परिवीक्षा अधिकारी ओमकारनाथ द्वारा भी गांव के ही एक युवक की नियुक्ति कर वाहन चलवाते थे। मामले की जांच में दोष सिद्ध होने पर मुख्य विकास अधिकारी आनंद कुमार शुक्ला की रिपोर्ट पर जिलाधिकारी राजेश कुमार ने निलंबन की कार्रवाई की संस्तुति कर शासन को भेज दी है।
जिला समाज कल्याण विकास अधिकारी व कार्यरत बाबू, जिला प्रोबेशन अधिकारी व उप मुख्य परिवीक्षा अधिकारी के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की संस्तुति कर शासन को रिपोर्ट भेजी गई है। जांच में कई अनियमितताएं मिली हैं। उनके द्वारा विभाग में ही फर्जी तरीके से कई नियुक्तियां की गईं हैं।- आनंद कुमार शुक्ला, मुख्य विकास अधिकारी, आजमगढ़।