फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सिर्फ पहचान करने तक सीमित है मुख्तार व कुंटू के करीबियों पर कार्रवाई

विज्ञापन
विज्ञापन
आजमगढ़। माफियाओं पर लगाम कसने को लेकर प्रदेश सरकार प्रदेश के टॉप टेन अपराधियों की सूची बनाई हुई है। इस सूची में शामिल मुख्तार अंसारी व ध्रुव कुमार सिंह उर्फ कुंटू सिंह का भी नाम शामिल है। इन दोनों अपराधियों पर लगाम कसने का निर्देश शासन से जारी किया हुआ है। कुंटू सिंह जहां जिले का ही रहने वाला है तो वहीं मुख्तार पड़ोसी जिले मऊ का है। इन दोनों अपराधियों का सिक्का जिले में चलता है। दोनों जेल में है लेकिन करीबियों के माध्यम से इनके जरायम की दुनिया आज भी बदस्तूर चल रही है।
विज्ञापन

शासन का निर्देश आने के बाद आजमगढ़ पुलिस कुछ दिनों तक काफी सक्रिय रही। कुंटू सिंह के संपत्ति को जब्त किया गया, तो वहीं मुख्तार के कुछ करीबियों पर कार्रवाई हुई। इन दोनों शातिर अपराधियों पर नकेल कसने के उद्देश्य का लेकर पुलिस महकमे ने इनके करीबियों को चिन्हित कर सूची बनाना शुरू किया। जिले में मुख्तार के लगभग डेढ़ दर्जन करीबी चिन्हित किए गए, लेकिन कार्रवाई के नाम पर मात्र आठ के असलहा लाइसेंस रद्द कर जब्त किए गए तो वहीं एक दो करीबियों की गिरफ्तारी हुई। ऐसा ही कुछ हाल कुंटू सिंह के करीबियों के मामले में भी है। कुंटू के स्वयं की संपत्ति जब्त करने के साथ ही खास साथी ब्लाक प्रमुख जहानागंज संजय यादव के 51 लाख की संपत्ति जब्त की गई। वहीं शेष करीबियों पर कार्रवाई से पुलिस महकमा अब तक बच ही रहा है। सिर्फ मुख्तार मामले की बात की जाए तो मुबारकपुर में स्थित तीन करीबियों के कब्जे से सरकारी जमीन खाली कराई गई है। वहीं आठ करीबियों के असलहा लाइसेंस निरस्त करते हुए असलहा जमा करा लिए गए है, लेकिन अभी किसी पर मुकदमा दर्ज नहीं कराया गया है। वहीं शेष चिन्हित करीबियों पर अभी कोई कार्रवाई नहीं हुई है। पुलिस महकमा वर्तमान में इन दोनों शातिर अपराधियों को लेकर शासन से जारी दिशा निर्देशों के अनुरूप सिर्फ करीबियों को चिन्हित करने का काम ही कर रही है। कार्रवाई के नाम पर अभी कुछ भी खास जनपद पुलिस नहीं कर सकी है।
एसपी सिटी, पंकज पांडेय का कहना है कि ऐसा नहीं है, माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई नहीं हो रही है। मुख्तार मामले में फिलहाल करीबियों को चिन्हित कर लिया गया है और करीबियों को चिन्हित करने का काम भी चल रहा है। कुछ पर कार्रवाई भी हो सकी है और जल्द ही शेष चिन्हित करीबियों पर कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें