बलरामपुर। डेंगू की रोकथाम के लिए कितनी तैयारियां हैं, इसका सच सोमवार को मंडलीय जिला चिकित्सालय के डेंगू वार्ड में देखने को मिला। फरवरी से अब तक तीन डेंगू के मरीज जिले में मिल चुके हैं, लेकिन अभी तक इस वार्ड में मच्छरदानी तक नहीं है।
डेंगू मरीजों के बेड पर दुर्घटना और मारपीट में घायल मरीजों को भर्ती किया गया है।
शासन से निर्देश दिए हैं कि डेंगू के मरीजों के लिए अलग से वार्ड बनाया जाए। इसमें ही डेंगू के मरीजाें को भर्ती किया जाए, लेकिन मंडलीय जिला चिकित्सालय में ऐसा नहीं हो रहा है। यहां डेंगू मरीजों के लिए अलग से 10 बेड का वार्ड तो बनाया गया है, लेकिन इसमें सामान्य मरीजों को भर्ती किया गया है।
जबकि इस वर्ष अब तक तीन डेंगू के मरीज मिले हैं जो उपचार कराकर घर लौट चुके हैं। इसके बाद भी विभाग ने अब तक न तो डेंगू को लेकर कोई प्रभावी कदम उठाया है और न ही अस्पताल में किसी प्रकार की व्यवस्था की गई है।
अब तक हुई जांच साहुल भारती, हाफिजपुर, निकी महराजगंज और अरविंद तिवारी गोरखपुर को जिला अस्पताल में हुई जांच में डेंगू से पीड़ित पाया गया है। संवाद