आजमगढ़। जिले में चार नर्सिंग, पैरामेडिकल कॉलेज ऐसे हैं जिनकी फायर एनओसी (अनापत्ति प्रमाणपत्र) फर्जी मिली है। ऑनलाइन सत्यापन में इसका खुलासा हुआ है। सीएफओ ने इन संस्थानों पर कार्रवाई के लिए स्टेट मेडिकल फैकल्टी को पत्र भेजा है। साथ ही इनसे अग्निशमन कार्यालय भी जवाब-तलब करेगा कि फर्जी एनओसी कहां से तैयार की गई है।
उत्तर प्रदेश मेडिकल फैकल्टी से नर्सिंग, पैरामेडिकल प्रशिक्षण केंद्र की अनुमति लेने के लिए अग्निशमन एवं आपात सेवाएं विभाग से एनओसी लेना जरूरी होता है। इसी क्रम में प्रकाश काॅलेज ऑफ पैरामेडिकल एंड नर्सिंग, चक हलाल जाफरपुर, क्रासबेली इंस्टीट्यूट ऑफ नर्सिंग एंड पैरामेडिकल सांइसेस ग्राम कुकरीपुर सठियांव, बैजनाथ रामनरेश नर्सिंग एंड पैरामेडिकल कॉलेज काजीपुर चिरैयाकोट और पंडित नगीना कॉलेज ऑफ नर्सिंग जोकहरा लाटघाट ने भी फायर एनओसी लगाई थी। इन सभी संस्थानों की एनओसी संदिग्ध लगने पर स्टेट मेडिकल फैकल्टी ने अग्निशमन एवं आपात सेवाएं विभाग को पत्र भेजकर चारों संंस्थाओं एनओसी का सत्यापन करने को कहा गया था। सभी नर्सिंग, पैरामेडिकल प्रशिक्षण केंद्रों के अग्निशमन अनापत्ति प्रमाणपत्रों की विभाग ने अपने ऑनलाइन पोर्टल जांच की तो कोई भी अग्निशमन अनापत्ति प्रमाणपत्र नहीं जो कार्यालय से जारी किया गया हो। सभी प्रमाणपत्र फर्जी, कूटरचित तरीके से बनाए गए थे। सीएफओ ने इन संस्थानों की रिपोर्ट तैयार कर कार्रवाई के लिए स्टेट मेडिकल फैकल्टी को पत्र भेजा है। स्थानीय स्तर पर भी इसकी जांच होगी कि इन संस्थानों ने फर्जी एनओसी कहां से बनवाई है।
चार मेडिकल कॉलेजों की अग्निशमन अनापत्ति प्रमाणपत्र सत्यापन के लिए आए थे। ऑनलाइन पोर्टल पर जब इसकी जांच की गई तो सभी फर्जी मिले। सभी प्रमाणपत्र कूटरचित तरीके से बनाए गए थे। कार्रवाई के लिए सभी पैरामेडिकल कॉलेजों से जवाब तलब किया जाएगा कि आखिर उन्होंने यह एनओसी कहां से बनवाया। - वीके शर्मा, सीएफओ।