ईसहाकपुर से होते हुए मलकनिया जाने वाले मार्ग पर बनी पुलिया। संवाद
ग्रामीणों की वर्षों पुरानी समस्या के समाधान के लिए राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन की सदस्य गिरिजा यादव ने पहल कर मिसाल पेश की है। उन्होंने ग्रामीणों के सहयोग से करीब 1.30 लाख रुपये चंदा जुटाकर बाहा पर दो मीटर चौड़ी पुलिया का निर्माण कराया। निर्माण के दौरान करीब पांच हजार रुपये की कमी पड़ने पर उन्होंने आजीविका मिशन से कर्ज लेकर काम पूरा कराया। पुलिया बनने से आसपास के कई गांवों के ग्रामीणों और किसानों को आवागमन में राहत मिली है।
गिरिजा यादव ने बताया कि पुलिया निर्माण से पहले ग्रामीणों को बाहा पार करने के लिए लकड़ी का अस्थायी बेस बनाना पड़ता था। बरसात के दिनों में बाहा में पानी बढ़ने पर यह रास्ता बेहद जोखिम भरा हो जाता था। इसके कारण ग्रामीणों को आवागमन में परेशानी के साथ हादसे का भी डर बना रहता था। बाहा के दूसरी ओर कई गांवों के किसानों की खेती होने के कारण प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग इस रास्ते से आते-जाते हैं। यह पुलिया ईसहाकपुर से होते हुए मलकनिया की ओर जाने वाले रास्ते पर बनवाई गई है। इसके निर्माण से कमरपुर, मलकानिया, पसीका मलकानिया समेत आसपास के गांवों के ग्रामीणों और किसानों को आवागमन में काफी सुविधा हो रही है।
सामूहिक प्रयास से वर्षों पुरानी समस्या दूर
दुर्गावती, लक्ष्मीना, ईसरावती आदि महिलाओं ने गिरिजा यादव के प्रयास की सराहना की। उनका कहना है कि सामूहिक सहयोग और आजीविका मिशन से मिली आर्थिक मदद से लंबे समय से चली आ रही समस्या का समाधान हो सका। कहा कि क्षेत्र के लिए समूह की उपयोगिता साबित हुई।
ईसहाकपुर से होते हुए मलकनिया जाने वाले मार्ग पर बनी पुलिया। संवाद