आजमगढ़। आदर्श रेलवे स्टेशन आजमगढ़ ‘ए’ ग्रेड की श्रेणी में आता है। बावजूद इसके यात्री सुविधा के मामले में फिसड्डी हैं। जबकि रेलवे स्टेशन आमदनी में अव्वल है, मगर यहां यात्रियों के लिए कोई सुविधा नहीं है। यहां कैंटीन, फुटब्रिज, स्वचालित सीढ़ी जैसी तमाम सुविधाएं नहीं है। इतना ही नहीं यहां शौचालय का भी खास इंतजाम नहीं है। शौचालय व प्रतीक्षालय में बने शौचालय में हर वक्त ताला बंद रहता है। इससे यात्रियों को यहां रोज परेशानियों से जूझना पड़ता है। इसे लेकर यहां आए यात्रियों में काफी रोष है।
आजमगढ़ रेलवे स्टेशन को आदर्श रेलवे स्टेशन का दर्जा प्राप्त है। बावजूद यात्री सुविधाओं का टोटा है। सुरक्षा की दृष्टि से डोर मेटल डिटेक्टर बेहद जरूरी है, कारण यह है कि यह जिला हमेशा से संवेदनशील रहा है, मगर इस स्टेशन की सुध किसी ने नहीं ली है, जिससे लोगों में भी नाराजगी है। छायाविहीन प्लेटफार्म अर्से से पड़ा है, ट्रेन लोकेशन डिस्प्ले, पेयजल का संकट सहित साफ-सफाई का स्टेशन पर भी अभाव है। इस महत्वपूर्ण रूट पर रेलवे स्टेशन आजमगढ़ पर चौबीस घंटे में तकरीबन एक दर्शन से अधिक ट्रेनों सहित मालगाड़ियों की आवाजाही होती है।
शाहगंज-मऊ रूट के इस रेलवे स्टेशन से प्रतिदिन तकरीबन पांच हजार यात्री ट्रेन सुविधाओं का लाभ लेते हैं। ऐसी व्यस्तता के बाद भी रेलवे स्टेशन पर मूलभूत सुविधाओं का अभाव है। सामान्य यात्रियों के लिए बने यात्री प्रतीक्षालय के शौचालय में हर वक्त ताला लटका रहता है। कई अघोषित निकासी भी स्टेशन पर हैं, जिनसे अनाधिकृत लोगों का स्टेशन परिसर में आना-जाना लगा रहता है। सुविधाओं के नाम रेल मुख्यालय ने यहां एक एस्कलेटर लगाने की बात कर रहा था, लेकिन आज तक वह भी नहीं लग सका। बीमार, दिव्यांग व बूढ़े यात्रियों को लाने-ले जाने के लिए स्वचालित सीढ़ी व रैंप तक की व्यवस्था भी नहीं है।
मंडल वाणिज्य निरीक्षक मिथिलेश कुमार ने बताया कि प्लेटफार्म पर बने शौचालय में कुछ मरम्मत के कार्य हैं जिसे कराने के लिए ठेकेदार ने बंद किया है। वहीं प्रतीक्षालय वाले में भी ताला बंद है। ठेकेदार से कहा गया है उसे खोलने के लिए।