आजमगढ़। उत्तर प्रदेश राज्यकर्मचारी महासंघ के तत्वावधान में आयोजित द्विवार्षिक अधिवेशन में कर्मचारियों के हितों का ध्यान नहीं रखने पर सरकार पर निशाना साधा गया। प्रांतीय अध्यक्ष राज्य कर्मचारी महासंघ अजय सिंह ने कहा कि पूर्व सरकार ने कर्मचारियों के हितों के लिए कोई सार्थक कदम नहीं उठाया जिसका खामियाजा उसे पदच्युत होकर चुकाना पड़ा। वर्तमान सरकार भी पूर्व सरकार की रहा पर चल रही है। यह सरकार अब तक हर क्षेत्रों में विफल साबित हुई है, भ्रष्टाचार चरम सीमा पर है।
नेहरू हाल में आयोजित अधिवेशन में संबोधित करते हुए श्री सिंह ने कहा कि आशा बहुएं, रोजगार सेवकों का मानदेय नहीं बढ़ाया जा रहा। सफाईकर्मियों की ड्यूटी के संबंध में कोई मापदंड नहीं बनाया गया। इनका अधिकारी/प्रधान उत्पीड़न और शोषण कर रहे हैं। प्रदेश के हजारों पीआरडी जवानों की ड्यूटी नहीं लगाए जाने से वे भुखमरी की कगार पर पहुंच गए हैं। उन्होंने कहा कि किसी पदाधिकारी और कर्मचारियों का उत्पीड़न संघ बर्दाश्त नहीं करेगा। प्रांतीय महामंत्री बजरंगबली यादव, प्रांतीय उपाध्यक्ष राज्य कर्मचारी महासंघ राकेश चौधरी और जगदीश पाल ने कहा कि सभी कर्मचारी और पीआरडी जवान एकजुट होकर सरकार के विरुद्ध संघर्ष करने के लिए तैयार रहें।
अंत में जनपद कार्यकारिणी भंग कर पुन: चुनाव कराया गया। इसमें उत्तर प्रदेश राज्य कर्मचारी महासंघ का अध्यक्ष रामजनम प्रसाद रावत और रामकेश यादव को मंत्री, उत्तर प्रदेश फेडरेशन आफ मिनिस्टिरियल सर्विसेज एसोसिएशन का अध्यक्ष प्रदीप कुमार सिंह और मंत्री रामजनम प्रसाद रावत को चुना गया। उत्तर प्रदेश चतुर्थ श्रेणी राज्य कर्मचारी महासंघ का अध्यक्ष बहाऊ मौर्य और मंत्री रामकेश यादव को बनाया गया। चुनाव अधिकारी बजरंगबली यादव ने पदाधिकारियों को शपथ दिलाई।