आजमगढ़। सपा सरकार के दौरान माननीयों के कोटे से सरकारी हैंडपंप लगवाने का प्रावधान शुरू किया गया था। 2015-16 और 2016-17 के दौरान यहां भी जनप्रतिनिधियों के कोटे से हैंडपंप लगवाए गए थे। लेकिन ये हैंडपंप कहां लगाए गए और लगे या नहीं इसके बारे में कोई जानकारी जनप्रतिनिधियों को नहीं दी गई। पूर्व एमएलसी डॉ. विजय प्रताप के कोटे से भी हैंडपंप लगे थे। उनकी ओर जानकारी मांगे जाने पर विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। सूत्रों की मानों को दो साल के दौरान लगाए और रिबोर कराए गए हैंडपंपों पर जल्द ही जांच बिठाई जा सकती है।
पिछली सरकार के दौरान विधायक निधि से भी हैंडपंप लगवाने की योजना बनाई गई थी। वर्ष 2015-16 और 2016-17 के दौरान विभिन्न जन प्रतिनिधियों के कोटे से हैंडपंप मंजूरभी कराए गए। हैंडपंप लगना का जिम्मा जल निगम के पास था। कार्य उसी की ओर से कराया। लेकिन जनप्रतिनिधयों के कोटे से कितने हैंडपंप कहां-कहां लगाए गए इसके बारे में उन्हे कोई जानकारी नहीं दी गई। अब जन प्रतिनिधियों की ओर से कोटे से लगवाए गए हैंडपंपों के बारे में जानकारी मांगनी शुरू कर दी गई है। पूर्व एमएलसी डॉ. विजय प्रताप ने सीडीओ को पत्र भेज कर अपने कोटे से लगवाए गए हैंडपंपों के बारे में पूरी जानकारी मांगी। इसके बाद सीडीओ की ओर से जल निगम के एक्सईएन से दो साल के दौरान जिले में लगाए गए और रिबोर कराए गए हैंडपंपों की पूरी सूची तलब कर ली गई है। इसके बाद इन हैंडपंपों का भौतिक सत्यापन कराया जाएगा। यदि कहीं को गड़बड़ी पाई गई तो मामले में जल निगम के अधिकारियों पर गांज गिर सकती है। सूची तलब होने के बाद जल निगम के अफसरों की नींद उड़ी हुई है। पिछले पांच दिनों से जल निगम के अफसर सूची तैयार करने में जुटे हुए हैं।
सत्यापन के लिए टीम का गठन
आजमगढ। जल निगम की ओर से पिछले दो साल के दौरान लगाए गए और रिबोर कराए गए हैंडपंपों सूची सीडीओ को उपलब्ध करा दी गई है। इसके बाद सीडीओ की ओर से इनके भौतिक सत्यापन के लिए टीम का गठन कर दिया गया है। कमेटी में ब्लाक वार बीडीओ और अवर अभियंता आरईएस की टीम बनाई गई है। ये निर्धारित प्रारूप पर हैंडपंपों की सत्यापन करेंगे। साथ ही इसकी भी जांच करेंगे की रिबोर के दौरान हैंडपंपों से निकले वेस्ट मैटेरियल कहां नीलाम किया गया और इसका रुपया कहां जमा कराया गया। परियोजना निदेशक दुर्गादत्त शुक्ला को इसकी नोडल अधिकारी बनाया गया है।
जल निगम के अफसरों से दो साल के दौरान लगाए गए और रीबोर कराए गए हैंडपंपों की रिपोर्ट तलब की गई है। इसके सत्यापन के टीम का गठन कर दिया गया। सत्यापन के बाद कमी मिलने पर विभागीय कार्रवाई की जाएगी। -अभिषेक सिंह, सीडीओ