आजमगढ़। सामुहिक विवाह योजना के तहत जनपद में आयोजित होने वाले कार्यक्रम के तहत बुधवार को जिलाधिकारी चंद्रभूषण सिंह की अध्यक्षता में जिला स्तरीय समिति की बैठक हुई। जिसमें जिलाधिकारी ने योजना की जानकारी देते हुए कम से कम एक हजार जोड़ों का विवाह कराने की बात कही।
जिलाधिकारी ने बताया है कि शासन द्वारा अनुसूचित जाति, अनुसूचित जन जाति, पिछड़ा वर्ग, सामान्य वर्ग, अल्पसंख्यक वर्ग के गरीब व्यक्तियों के पुत्रियों की शादी के लिए मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना शुरू की गई है। इस योजना के तहत गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाले जरूरतमंद निराश्रित और निर्धन परिवारों की विवाह योग्य कन्या, विधवा, परित्यक्ता तलकाशुदा महिलाओं के विवाह के लिए मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के माध्यम से सामूहिक विवाह संपन्न कराया जाएगा। कार्यक्रम में सम्मिलित होने वाले लोगों को उनकी सामाजिक, धार्मिक मान्यता, परंपरा, रीति-रिवाज के अनुसार विवाह करने की व्यवस्था करा कर समाज में सर्वधर्म समभाव और सामाजिक समरसता को बढ़ावा दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि कम से कम 1000 सामूहिक शादी जनपद में कराई जाएगी। इसके लिए विकास खंडवार, नगरपालिका और नगर पंचायतों को पात्रों के पंजीकरण कराने का लक्ष्य निर्धारित करते हुए कहा कि प्रत्येक दशा में पांच जनवरी तक इस योजना के तहत फार्म भरवा लिए जाए। 15 जनवरी तक फार्मो का सत्यापन पूरी पारदर्शिता के साथ करके पात्रों की सूची फाइनल कर ली जाए। उन्होंने ब्लाकों को 100-100, नगर पालिकाओं को 100-100 और नगर पंचायतो को 50-50 फार्म भरवाने का लक्ष्य निर्धारित किया।
उन्होंने बताया कि कन्या के अभिभावक उप्र के मूल निवासी हों, कन्या के अभिभावक निराश्रित,निर्धन और जरूरतमंद हों और आवेदक के परिवार की आय गरीबी रेखा की सीमा के अंदर होनी चाहिए। विवाह के लिए किए गए आवेदन में पुत्री की आयु शादी की तिथि को 18 वर्ष या उससे अधिक होना अनिवार्य है और वर के लिए 21 वर्ष की आयु पूर्ण कर ली गई हो। आयु की पुष्टि के लिए स्कूल शैक्षिक रिकार्ड, जन्म प्रमाण पत्र, मतदाता पहचान पत्र, मनरेगा जाबकार्ड और आधार कार्ड मान्य होंगे। इस मौके पर मुख्य विकास अधिकारी अभिषेक सिंह, अपर जिलाधिकारी प्रशासन लवकुश कुमार त्रिपाठी, परियोजना निदेशक दुर्गा दत्त शुक्ल, अपर जिला सूचना अधिकारी अंजनी कुमार मिश्र, जिला कार्यक्रम अधिकारी पवन कुमार यादव, जिला पंचायत राज अधिकारी जितेंद्र कुमार मिश्र आदि उपस्थित थे। संचालन जिला समाज कल्याण अधिकारी राजीव रत्न सिंह ने किया।