आजमगढ़। मुख्य चिकित्साधिकारी डा. एसके तिवारी ने कहा कि विस्फोटक हो रही जनसंख्या को स्थिर करने के लिए 24 जुलाई तक जिले में जन संख्या स्थिर पखवारा आयोजित किया जाएगा। जिसके अंतर्गत परिवार को नियोजित करने वाली सभी स्थायी एवं अस्थाई विधियों से प्रचार-प्रसार, नसबंदी शिविर, प्रदर्शनी/मेला आयोजित किया जाएगा। उन्होंने उक्त बातें सोमवार को जिला अस्पताल स्थित सीएमओ कार्यालय को आयोजित कार्यशाला को संबोधित करने के दौरान कही।
उन्होंने कहा कि इस पखवारें में 225 महिला नसबंदी, 30 पुरूष नसबंदी तथा 300 आईयूसीडी का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उन्होंने कहा कि इस पखवारे की थीम क लहर नया विश्वास है, सभी जिम्मेदारी से परिवार विकास के अनुरूप दंपत्तियों से संपर्क करें तथा अधिक से अधिक लोगों को परिवार नियोजन की विधि अपनाने के लिए प्रेरित करें। उन्होंने कहा कि इस पखवारे में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के डाक्टर एवं स्टाफ, आशा, आंगनबाड़ी, एएनएम के साथ मिल कर संयुक्त अभियान चलाए। मेला एवं प्रदर्शनी के साथ-साथ धर्म गुरू सम्मेलन भी आयोजित कराए तथा कार्यालय में कंडोम बाक्स रखें। उन्होंने कहा कि लड़का एवं लड़की में फर्क करने से ही जनसंख्या बढ़ रही है। इसके लिए दंपत्ती को प्रेरित करने की आवश्यकता है कि लड़के एवं लड़की में फर्क न करें। अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डा. वाईके राय ने कहा कि गर्भधारण रोकने के लिए इमरजेंसी पिल्स भी मार्केट में उपलब्ध है। इसका सेवन केवल गर्भ धारण की आशंका होने पर किया जाना चाहिए, नियमित रूप से नही। नियमित रूप से ओरल पिल्स ले सकते है। जिला समन्वयक सतीश कुमार ने कहा कि आईयूसीडी का प्रयोग करने पर लाभार्थी को 600 रुपये तथा प्रेरित करनेवाली आशा को 150 रूपये दिए जाते हैं। जनसंख्या पखवाड़ा के अंतर्गत पूरी तैयारी से नसबंदी शिविर का आयोजन कराए, ताकि लक्ष्य को पूरा किया जा सकें। डिप्टी सीएमओ डा. संजय ने कहा कि कि सभी ब्लाक कोआरडिनेटर नसबंदी कराने वाले महिला एवं पुरूष की सूची तैयार करें। 30 से अधिक केस होने पर एक अतिरिक्त सर्जन भेजा जाएगा। उन्होंने कहा कि पुरूष नसबंदी के लिए तीन हजार तथा महिला नसबंदी पर दो हजार रुपये लाभार्थी को दिए जाते हैं। डिलेवरी के तुरंत बाद नसबंदी कराने पर महिला को तीन हजार रुपया दिया जाता है। कार्यशाला में डा. आरती, पूनम शुक्ला आदि मौजूद रहे।