आजमगढ़। शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) के तहत आर्थिक रूप से कमजोर अभिभावकों के बच्चों को जिले के प्रतिष्ठित स्कूलों में एडमिशन मिलेगा। शिक्षा विभाग ने बच्चों के एडमिशन के लिए स्कूलों को पत्र भेज दिए हैं। मई के पहले सप्ताह में सभी बच्चों को दाखिला हो जाएगा। इस योजना से बच्चों के जीवन से अशिक्षा का अंधियारा मिटेगा।
आर्थिक रूप से कमजोर जो अभिभावक अपने बच्चों को निजी स्कूलों में पढ़ाने का केवल सपना देखते थे, उन्हें योजना के तहत इसका लाभ दिया जा रहा है। सभी निजी स्कूलों में उनके यहां मौजूद सीटों की तुलना 25 फीसदी सीटों पर आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों को प्रवेश दिया जाता है। शिक्षा विभाग ने हाल ही में निजी स्कूलों में एडमिशन के लिए लॉटरी निकाली गई। जिसमें शिक्षा विभाग ने 541 बच्चों को निजी स्कूलों को आवंटित कर दिया है। जिसकी प्रक्रिया मई के पहले सप्ताह में शुरू हो जाएगी। जो स्कूल बच्चों के लिए आवंटित हुए हैं, उन्हें शिक्षा विभाग की तरफ से पत्र जारी कर दिए गए हैं। बच्चों का सारा खर्चा सरकार की तरफ वहन किया जाएगा। चाहे बच्चों की शुल्क प्रतिपूर्ति हो या फिर कॉपी-किताब और बैग आदि। इसके लिए सरकार की तरफ से अभिभावकों के खाते में पांच हजार रुपये डाले जाएंगे।
आरटीई के तहत 541 बच्चों को निजी स्कूलों का आवंटन कर दिया गया है। अगले माह से इन बच्चों का दाखिला निजी स्कूलों में शुरू करा दिया जाएगा। बच्चों की पढ़ाई का खर्च सरकार की तरफ से वहन किया जाएगा। वहीं कुछ फॉर्म में त्रुटियां थी। जिसके कारण उनका फॉर्म रिजेक्ट कर दिया गया। उन्हें दूसरे चरण में मौका दिया जाएगा।
- अम्बरीष कुमार, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, आजमगढ़।