आजमगढ़। भले ही अभी कोरोना वैक्सीन तैयार न हुई हो, लेकिन इसके जल्द तैयार होने की संभावनाओं के मद्देनजर शासन की ओर से अभी से तैयारी शुरू कर दी गई है। वैक्सीन सुरक्षित रखने के लिए पहले ही व्यवस्था करनी होगी। इसलिए शासन की ओर से स्वास्थ्य विभाग को पत्र लिखकर वैक्सीन के सुरक्षित करने के लिए उपलब्ध और आवश्यक संसाधनों के बारे में जानकारी मांगी गई है। जनपद से भी इसकी जानकारी शासन को भेजी जा रही है।
कोरोना संक्रमितों का ग्राफ थोड़ा कम जरूर हुआ है, लेकिन ये थमने का नाम नहीं ले रहा है। रोजाना कम या ज्यादा संख्या में नये संक्रमितों का मिलना जारी जारी है। अप्रैल माह में जनपद में कोरोना संक्रमितों का मिलने का सिलसिला धीरे-धीरे पांच हजार के आसपास पहुंच चुका है। इसके साथ ही कोरोना से होने वाली मौतों की संख्या भी शतक लगाने को तैयार है। कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए शासन की ओर से लगाई गई तमाम बंदिशें अब समाप्त हो चुकी है या होने की ओर हैं। स्कूलों को भी अब खोलने की घोषणा की जा चुकी है। इसके मद्देनजर शासन की ओर से भी वैक्सीन को लेकर तैयारियों जोर शोर से शुरू कर दी गई है। जिस तरीके से तैयारियां की जा रही है उससे संभावना जताई जा रही है कि नये साल में वैक्सीन जनपदों को उपलब्ध हो जाएगी।
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जनपद में 12 आईएलआर
आजमगढ़। जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. सजंय ने बताया कि शासन की ओर से अभी वैक्सीन के रखरखाव और उपलब्ध तथा आवश्यक संसाधन के बारे में जानकारी मांगी गई है। वैक्सीन रखने के लिए जनपद स्तर हमारे पास एक कोल्ड चेन है। इसके सामने स्थान खाली है। 500 वर्ग फिट में नया कोल्ड चेन बनाने के लिए प्रपोजल भेजा गया है। इसी तरीके से वैक्सीन को रखने के लिए आइस लाइन रैफ्रीजरेटर (आईएलआर) की आवश्यकता होती है। अभी तक हमारे पास जनपद स्तर पर 12 तरीके की वैक्सीन रखने के लिए 12 आईएलआर है। इसके साथ ही सभी ब्लाकों पर दो-तीन आईएलआर है। चूंकि कोरोना की वैक्सीन भी बड़ी मात्रा में आएगी। एक दिन में लगनी है तो उसको स्टोर करने के लिए भी संसाधन की आवश्यकता होगी। इसके लिए 30 आईएलआर की भी आवश्यकता होगी। डॉ. सजय ने बताया कि वैक्सीन कब तक आएगी और कितनी मात्रा में आएगी। अभी इसके बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई है लेकिन तैयारी देख लग रहा है कि जल्द उपलब्ध हो सकती है। इसके साथ ही इसका प्रयोग कैसे होगा इसके बारे में भी गाइड लाइन का इंतजार है।