सपा कार्यालय में स्व. जयप्रकाश नारायण की 118वीं जयंती पर पुष्प अर्पित करते पदाधिकारी और कार्यकर्त?
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आजमगढ़। सपा कार्यालय पर समाजवाद के ध्वजवाहक जननायक स्व. जयप्रकाश नारायण की 118वीं जयंती मनाई गई। उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर लोगों ने नमन किया। निवर्तमान जिलाध्यक्ष हवलदार यादव ने कहा कि ऐसे लोग कभी-कभी पैदा होते हैं। उन्होंने पूरा जीवन आजादी की संघर्ष में लगा दिया। कितनी बार जेल गए। एक बार जेल से भी निकलने में कामयाब रहे और भूमिगत होकर आंदोलन को गति प्रदान की। 1942 के ‘अंग्रेजों भारत छोड़ो’ आंदोलन में समाजवादियों की महत्वपूर्ण भूमिका थी।
1975 की इमरजेंसी में हो रहे भ्रष्टाचार व जुल्म ज्यादती को देखकर वह खुद को रोक नहीं पाए। इमरजेंसी का जमकर विरोध किया। आजमगढ़ के जजी मैदान में बहुत बड़ी सभा को संबोधित किया। अंत में सरकार को फैसला वापस लेना पड़ा। बलिहारी बाबू ने कहा कि जयप्रकाश के आंदोलन में नौजवानों की भूमिका रही। आज परिस्थितियां फिर से वैसी ही आ गई हैं। नौजवान आगे आकर उनके विचारों को आत्मसात करते हुए संघर्ष करें। हरिप्रसाद दूबे ने उनके व्यक्तित्व व कृतित्व पर प्रकाश डालते हुए कार्यकर्ताओं से अपील की कि गांव-गांव जाकर स्व. जयप्रकाश के विचारों को बताएं। प्रेमा यादव, श्रृंगारी गौतम, कमलेश यादव, वेदप्रकाश यादव, राजेश गिरी, जोरार खान, मिर्जा मसूद बेग, सोहराब, दीपक यादव, लालजीत यादव, विपुल राय, अजय, निखिल, अजीत राव, घनश्याम, रविंद्र कुमार, अलीम आदि थे।