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तत्कालीन डीपीआरओ पर लगा 25 हजार का अर्थदंड

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आजमगढ़। सगड़ी तहसील के बिंदवल गांव निवासी शैलेंद्र कुमार द्वारा जन सूचना अधिकारी अधिनियम 2005 के तहत मांगी गई सूचना उपलब्ध न कराने के मामले में राज्य सूचना आयुक्त ने तत्कालीन डीपीआरओ पर 25000 रुपये का अर्थदंड लगाया है।
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बिंदवल गांव निवासी शैलेंद्र कुमार ने जन सूचना अधिकारी अधिनियम 2005 के तहत 31 अगस्त 2016 केे छह बिंदूओं की सूचना तत्कालीन डीपीआरओ से मांगी। जब उनके द्वारा सूचना उपलब्ध नहीं कराई गई तो उन्होंने इसकी अपील राज्य सूचना आयोग में कर दी। 25 मई 2018 को हुई सुनवाई में तत्कालीन डीपीआरओ की ओर से यादवेंद्र दत्त पांडेय उपस्थित हुए। उनके द्वारा सूचना उपलब्ध कराने के लिए समय की मांग की गई। लेकिन इसके बाद 23 मई 2019 और तीन जुलाई 2020 की तारीख पर तत्कालीन डीपीआरओ पक्ष से कोई उपस्थित नहीं हुआ। इस पर राज्य निर्वाचन आयुक्त ने पाया कि जन सूचना अधिकारी द्वारा जानबूझकर वांछित सूचनाएं उपलब्ध नहीं कराई जा रही हैैं और आदेशों की अवहेलना की जा रही है। इसके लिए उन्हों दोषी मानते हुए राज्य सूचना आयुक्त द्वारा तत्कालीन जिला पंचायत राज अधिकारी पर 25000 रुपये का अर्थदंड अधिरोपित किया। साथ ही रजिस्ट्रार उप्र राज्य सूचना आयोग को निर्देशित किया कि पारित अर्थदंड की वसूली तीन समान मासिक किस्तों में करें।
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