लालगंज। एसडीएम लालगंज के खिलाफ कई आरोप लगाते हुए अधिवक्ताओं ने गुरुवार को उनके स्थानांतरण तक न्यायालय का बहिष्कार करने का निर्णय लिया। अधिवक्ताओं ने आरोप लगाया कि 151 सीआरपीसी में आए अभियुक्तों को छोड़ना या किसी को जेल भेजना तथा कानून का उल्लंघन करना एसडीएम की दिनचर्या हो गई है। तहसील बार एसोसिएशन के सदस्य इनके स्थानांतरण तक न्यायालय का बहिष्कार करेंगे। धरना-प्रदर्शन से लेकर भूख हड़ताल तक की चेतावनी दी गई।
अधिवक्ताओं का आरोप है कि लालगंज तहसील में काफी दिनों से अविवादित वरासत, असंक्रमणीय से संक्रमणीय होना, खतौनी में आदेशों की फीडिंग बिना पैसे लिए नहीं हो रहा है। कई बार उपजिलाधिकारी प्रियंका प्रियदर्शनी से शिकायत की गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। 31 दिसंबर को वार्ता के लिए पत्र दिया गया। चार जनवरी को पुन: पत्र दिया गया। 10 जनवरी को एसडीएम ने अपने चेंबर में बुलाकर वार्ता की। अधिवक्ताओं ने बताया कि समस्याओं से अधिवक्ता और जनता परेशान है। तहसील में पैसा लेने पर ही कर्मचारी कार्य कर रहे हैं। एसडीएम सिर्फ मौखिक आदेश दे दिया। 15 दिन बीत जाने के बाद भी किसी समस्या का निराकरण नहीं किया गया।